[Team insider] भाषा विवाद को लेकर अखिल भारतीय भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका मंच ने रविवार को बंद बुलाया था, लेकिन राजधानी रांची की सड़कों पर किसी तरह का असर नहीं दिखा। सामान्य दिनों की तरह बाजार समान्य दिखा, लोगों की आवाजाही भी समान्य रही। हालांकि बंद से जरूरी सेवा को मुक्त रखा गया था। बंद को लेकर रांची पुलिस अलर्ट पर थी।
चार हजार जवानों की की गई है तैनाती
बंद समर्थकों से निपटने के लिए रांची पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। झारखंड पुलिस, सैफ, जैप सहित अऩ्य बलों के करीब चार हजार जवानों की तैनाती की गई है। ताकि विधि-व्यवस्था संबंधित कोई परेशानी सामने नहीं आए। दंडाधिकारियों को भी जिले में प्रतिनियुक्त किया गया है।
वीडियोग्राफी की भी की गयी व्यवस्था
बंद के दौरान उपद्रव मचाने वाले संदिग्धों पर भी विशेष नजर रख रहे हैं। बंद बुलाने वालों की एक-एक हरकत कैमरे में कैद हो सके इसके लिए वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गयी है। जिले के संवेदनशील इलाकों में क्यूआरटी भी तैनाती की गयी है। एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने इस संबंध सभी थानेदारों को निर्देश दिया है कि सरकारी व निजी चीजों को क्षतिग्रस्त करने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर लें। चाहे वह किसी भी दल या पार्टी के हो.बंद के दौरान उत्पात मचाने वालों के साथ पुलिस सख्ती से निपटेगी. उत्पात मचाने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस सीधे प्राथमिकी दर्ज करेगी।