झारखण्ड सरकार के वित्त मंत्री डा.रामेश्वर उरांव ने दुमका में अंकिता को जलाकर मारने, पलामू जिले में महादलित परिवार को दबंगों द्वारा बेघर करने, चतरा में युवती पर एसिड से हमला और रांची में बीजेपी नेत्री सीमा पात्रा द्वारा अपनी नौकरानी को प्रताड़ित किये जाने समेत अन्य घटनाओं पर चिंता जतायी है। डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा घटना काफी दुखद, चिन्ता जनक एवं मर्माहत करने वाली है,लेकिन वर्तमान सरकार और प्रशासन दोनों ही स्थितियों को सुलझाती है। उन्होंने राज्य की जनता से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर भरोसा रखें, अगर कोई बहकाये तो उसके बहकावे में नहीं आयें, जनतंत्र में सुलझाने का तरीका है और सरकार संवेदनशीलता के साथ जनभावनाओं का पूरा सम्मान करती है।
शोषण से बचाने के लिए कानून की जरूरत है
श्रमिक कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर डा.रामेश्वर उरांव ने कहा जब वे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के चेयरमैन थे, तब उन्होंने यह पुरजोर कोशिश थी कि जो लोग मेड रखते हैं, उन्हें समय पर मानदेय नहीं देते या उनको रहने की व्यवस्था नहीं होती, छुट्टी नहीं दी जाती है। आठ घंटे से अधिक काम कराया जाता है लेकिन उस अनुपात में तनख्वाह नहीं दी जाती, उनका शोषण किया जाता है। सबको जोड़कर केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों एवं झारखण्ड सरकार से भी अनुरोध किया था, लेकिन कानून नहीं बन पाया। रोजगार की खोज में लोग बाहर जरुर जाएंगे लेकिन उनको शोषण से बचाने के लिए कानून की जरूरत है और कानून के बाद उसके अनुपालन की जरूरत है।




















