पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर करवट लेती नजर आ रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह (RCP Singh JDU) के हालिया बयानों ने जनता दल यूनाइटेड और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ़ करना और जेडीयू को अपना “घर” बताना, राजनीतिक गलियारों में इसे संभावित घर वापसी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे समय में जब बिहार में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं, आरसीपी सिंह का यह रुख कई नए सवाल खड़े करता है।
आरसीपी सिंह ने अपने बयान में कहा कि उनका राजनीतिक घर आखिर है कहां, यह जनता और राजनीतिक विश्लेषक खुद तय करें। उन्होंने नीतीश कुमार के साथ अपने 25 साल पुराने रिश्ते का हवाला देते हुए यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया है। इस बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या आरसीपी सिंह एक बार फिर जेडीयू की ओर रुख कर सकते हैं या यह केवल बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिश है।
आरसीपी सिंह ने जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर के विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग आज उनका विरोध कर रहे हैं, उनके लिए उन्होंने ईश्वर से सद्बुद्धि की कामना की है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि एक दौर में वह और प्रशांत किशोर दोनों ही जेडीयू का हिस्सा थे और पार्टी के लिए संघर्ष किया था। इस बयान को उन्होंने अपने पुराने योगदान की याद दिलाने की कोशिश के तौर पर रखा।
हालांकि, जेडीयू की ओर से इस बयानबाजी का जवाब भी उतनी ही सख्ती से आया। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने आरसीपी सिंह के बयानों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यही आरसीपी सिंह पहले जेडीयू को कमजोर करने की रणनीति में लगे हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आरसीपी सिंह ने न केवल पार्टी की सीटों को लेकर सवाल खड़े किए, बल्कि विरोधी खेमे में जाकर जेडीयू को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी की।
श्रवण कुमार ने आगे कहा कि आरसीपी सिंह जिस पार्टी के साथ जेडीयू को कमजोर करने निकले थे, वहां उन्हें जनता ने पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा में जाने के बाद भी आरसीपी सिंह का राजनीतिक भविष्य नहीं बन सका। मंत्री का कहना था कि आज नीतीश कुमार की तारीफ़ इसलिए की जा रही है क्योंकि बिहार की जनता ने चुनाव में आरसीपी सिंह को ठेंगा दिखा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे बयानों से जेडीयू की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।






















