मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में सियासत भी गरमाती दिखी। इस मौके पर जदयू विधायक श्याम रजक ने ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। श्याम रजक ने जनसुराज के नेता आरसीपी सिंह (RCP Singh JDU Return) को खुला ऑफर देते हुए कहा कि अगर वे जदयू ज्वाइन करना चाहें तो उनका स्वागत है। श्याम रजक ने कहा कि वो अलग कब थे, वो अलग बात है। आएं, उनका स्वागत है। उनके इस बयान को जदयू की तरफ से सुलह और वापसी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते थे, ऐसे में यह बयान सियासी मायनों में खास माना जा रहा है।
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बताते चलें कि हाल ही में नीतीश कुमार को अपना अभिभावक बताने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के फिर से जनता दल (यूनाइटेड) में जाने की अटकलें बढ़ गई हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा है कि रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) जल्द ही जदयू में लौट सकते हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आरसीपी सिंह ने खुद जदयू में वापस आने की इच्छा जताई है। जदयू के नेताओं ने कहा है कि पिछले साल प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी में जो लोग गए हैं वो जदयू में वापस आने की अपनी इच्छा जता चुके हैं। इसमें वैसे लोग हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मिलकर दो दशक तक काम किया है। जदयू नेताओं ने कहा कि पार्टी की संगठनात्मक जरुरतों को देखते हुए नीतीश कुमार इसपर अंतिम फैसला लेंगे।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह ने बीते रविवार को पटना कुर्मी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। हालांकि, इस कार्यक्रम में दोनों की मुलाकात नहीं हुई थी लेकिन आरसीपी सिंह के जदयू में वापस आने की अटकलें जरूर शुरू हो गई थीं। जब पत्रकारों ने पूछा तो आरसीपी सिंह ने खुल कर कहा कि ‘नीतीश कुमार बिहार के माननीय मुख्यमंत्री हैं और बिहार के लोग उन्हें पसंद करते हैं। आपको कहां से लगता है कि हम दो हैं? हमलोग तो एक ही हैं ना। हम उनके साथ 25 वर्षों तक रहे, जितना हम उनको जानते हैं और वह हमको जितना जानते हैं, इतना कोई जानता भी है क्या?’
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बता दें कि एक समय था जब आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगी थे। आरसीपी सिंह साल 1998 में नीतीश कुमार के साथ काम किया था। उस वक्त नीतीश कुमार रेलमंत्री थे। आरसीपी सिंह साल 2005 से लेकर 2010 तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्य सचिव भी रहे। आरसीपी सिंह साल 2010 से 2022 तक राज्यसभा के सदस्य और केंद्रीय मंत्री भी रहे।
साल 2024 में आरसीपी सिंह ने जनसुराज पार्टी का दामन थाम लिया। जदयू नेताओं ने कि आरसीपी सिंह का यह मानना है कि उनका भविष्य सिर्फ नीतीश कुमार की पार्टी में ही हैं। एक अन्य जदयू नेता ने कहा, ‘आरसीपी सिंह ने लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर ली है। सभी जानते हैं कि वो जदयू में वापस आना चाहते हैं। अब सबकुछ नीतीश कुमार पर निर्भर है।’






















