Tejashwi Yadav RJD meeting: राष्ट्रीय जनता दल ने आने वाले बजट सत्र से पहले अपनी संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में हुई संसदीय दल की अहम बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों ने हिस्सा लिया और करीब दो घंटे तक गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक का केंद्रीय फोकस संसद के बजट सत्र में बिहार से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को मजबूती से उठाने और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तय करना रहा।
दिल्ली में प्रस्तावित बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर होने वाली बहस को लेकर आरजेडी ने अपनी भूमिका स्पष्ट करने की तैयारी कर ली है। पार्टी का मानना है कि बिहार लंबे समय से विशेष राज्य के दर्जे और विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करता रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक इस पर ठोस निर्णय नहीं लिया। ऐसे में संसद के दोनों सदनों में इन मांगों को एकजुटता के साथ उठाने का निर्णय लिया गया है, ताकि बिहार के विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े सवाल राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन सकें।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि संसद में उठाए जाने वाले मुद्दे बिहार विधानसभा के आगामी बजट सत्र से भी जुड़े होंगे। चूंकि इस बार बिहार का बजट सत्र अपेक्षाकृत पहले बुलाया गया है और केंद्र के बजट के ठीक अगले दिन राज्य का बजट पेश होना है, ऐसे में आरजेडी दोनों स्तरों पर लगभग समान मुद्दों के साथ सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इससे केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों की तुलना सामने लाने में मदद मिलेगी।
बैठक के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने संकेत दिए कि पार्टी बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन, संसाधनों के असमान वितरण और रोजगार सृजन जैसे सवालों को प्राथमिकता देगी। साथ ही यह भी साफ किया गया कि बिहार चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर पहले ही विस्तृत समीक्षा हो चुकी है और उसका निष्कर्ष जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। तेजस्वी यादव की प्रस्तावित यात्रा और संगठनात्मक विस्तार पर भी चर्चा हुई, हालांकि इन फैसलों को बजट सत्र के बाद होने वाली बड़ी बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा।






















