RJD Politics: बिहार की राजनीति में चुनावी हार के बाद अक्सर आत्ममंथन की बात होती है, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल में यह आत्ममंथन अब सियासी बहस से आगे बढ़कर पारिवारिक और संगठनात्मक सवालों तक पहुंचता दिख रहा है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के करीब दो महीने बाद आरजेडी ने समीक्षा बैठकों का दौर शुरू किया है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी संगठन अपनी कमियों को तलाशने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसी बीच लालू परिवार के भीतर से उठी आवाज ने पूरी कवायद की दिशा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट किया, जिसने राजद की समीक्षा बैठक को कटघरे में ला खड़ा किया। उन्होंने सीधे-सीधे किसी का नाम लिए बिना पार्टी के भीतर मौजूद ‘गिद्धों’ पर हमला बोला और यह सवाल उठाया कि समीक्षा से पहले आत्ममंथन और जिम्मेदारी तय करना ज्यादा जरूरी है। रोहिणी के शब्दों को राजद के अंदरूनी सत्ता केंद्रों पर करारा प्रहार माना जा रहा है, खासकर उन चेहरों पर जो लंबे समय से तेजस्वी यादव के आसपास प्रभावशाली माने जाते हैं।
रोहिणी आचार्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तेजस्वी यादव विदेश यात्रा से लौटने के बाद पटना में लगातार बैठकों के जरिए चुनावी हार के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं। उनके सरकारी आवास पर हुई बैठक में मीसा भारती, मनोज कुमार झा, संजय यादव, एडी सिंह, प्रेम गुप्ता, सुधाकर सिंह और अभय कुशवाहा जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे। पार्टी नेतृत्व इसे भविष्य की रणनीति और संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया बता रहा है, लेकिन रोहिणी के कटाक्ष ने यह संदेश दिया कि समस्या सिर्फ रणनीति की नहीं, बल्कि नेतृत्व के आसपास मौजूद लोगों की भी है।
यह पहला मौका नहीं है जब तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले तेज प्रताप यादव भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि तेजस्वी ‘जयचंदों’ से घिरे हुए हैं। मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज के दौरान तेजस्वी की गैरमौजूदगी पर तेज प्रताप का बयान खूब चर्चा में रहा था। तेज प्रताप कई बार राज्यसभा सांसद संजय यादव पर इशारों-इशारों में तंज कसते रहे हैं। अब रोहिणी आचार्य के ‘गिद्ध’ वाले शब्दों ने उसी बहस को नई धार दे दी है।
राजद के भीतर लंबे समय से यह चर्चा रही है कि पार्टी में एक पावर सर्कल बन चुका है, जिस पर परिवार के सभी सदस्य एकमत नहीं हैं। रोहिणी आचार्य का पोस्ट इसी असहजता को सार्वजनिक मंच पर ले आया है। उनका राजनीतिक वजन इसलिए भी ज्यादा माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पिता लालू यादव को किडनी दान कर जीवनदान दिया था।
इस पूरे घटनाक्रम ने विपक्ष को भी राजद पर हमला बोलने का सुनहरा मौका दे दिया है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने रोहिणी आचार्य के बयान को आधार बनाकर तीखा तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर राजद में वह ‘गिद्ध’ कौन है, जिसकी बात की जा रही है। नीरज कुमार ने यहां तक कह दिया कि जिस घर पर गिद्ध मंडराते हैं, वहां विनाश तय होता है। उन्होंने लालू यादव की सेहत और चुनावी हार का जिक्र करते हुए दस सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास तक को निशाने पर ले लिया।






















