मशहूर वरिष्ठ पत्रकार और ‘वर्डस्मिथ’ के रूप में पहचान बनाने वाले आर के मिश्रा का 23 फरवरी 2026 की सुबह अहमदाबाद में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। साढ़े पांच दशक से अधिक समय तक सक्रिय पत्रकारिता करने वाले मिश्रा ने अपनी पैनी नजर, विश्लेषणात्मक लेखन और निर्भीक रिपोर्टिंग से एक अलग मुकाम बनाया था।
लंबे समय से वे गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और प्रोस्टेट कैंसर से संघर्ष कर रहे थे। बीमारी के बावजूद उन्होंने अपने लेखन का सिलसिला लंबे समय तक जारी रखा। गुजरात को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले मिश्रा उन पत्रकारों में थे जिन्होंने जमीनी हकीकत को शब्दों में ढालकर पाठकों के सामने बेबाक सच्चाई रखी। उनकी रिपोर्टिंग में सत्ता से सवाल भी थे और समाज के प्रति संवेदनशीलता भी।
आर के मिश्रा को मीडिया जगत में ‘मिश्रा सर’ और ‘मिश्रा जी’ के नाम से सम्मानपूर्वक पुकारा जाता था। वे केवल रिपोर्टर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के पत्रकारों के मार्गदर्शक भी थे। उनके लेखों में तथ्यों की मजबूती, भाषा की धार और विश्लेषण की गहराई साफ दिखाई देती थी। बदलते मीडिया परिदृश्य में भी उन्होंने अपनी विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखा।
















