बेतिया में सड़क सुरक्षा (Road Safety Month) को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण का सबसे मजबूत हथियार कानून नहीं, बल्कि नागरिकों की जिम्मेदारी और नियमों का ईमानदार पालन है। सड़क सुरक्षा माह के तहत समाहरणालय परिसर से जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो आने वाले दिनों में जिले के गांवों, पंचायतों और हाट-बाजारों तक पहुंचेगा।

यह जागरूकता रथ केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं के मूल कारणों पर सीधे प्रहार किया जा रहा है। तेज रफ्तार, हेलमेट और सीटबेल्ट की अनदेखी, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल और शराब पीकर ड्राइविंग जैसी लापरवाहियों को हादसों का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। रथ के माध्यम से इन्हीं बिंदुओं पर केंद्रित संदेशों का प्रचार किया जाएगा, ताकि लोग कानून के डर से नहीं, बल्कि जीवन की कीमत समझकर नियमों का पालन करें।
नीतीश सरकार का ‘Ease of Living’ दांव.. हफ्ते में दो दिन अफसर होंगे आम जनता के सामने
इस अवसर पर जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प ले ले, तो अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। हेलमेट और सीटबेल्ट का उपयोग, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना और ट्रैफिक सिग्नलों का सम्मान करना किसी औपचारिकता का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का साधन है।
डीएम ने आमजन से यह भी अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की मदद करने से पीछे न हटें। समय पर दी गई सहायता कई बार किसी की जान बचा सकती है। उन्होंने कहा कि समाज में एक सकारात्मक और सुरक्षित सड़क संस्कृति विकसित करना आज की बड़ी जरूरत है, जिसमें प्रशासन और नागरिक दोनों की साझी भूमिका है।
जिला परिवहन पदाधिकारी रितु रानी ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार 7 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जिलेभर में जागरूकता रैली, शपथ कार्यक्रम, प्रचार अभियान और अन्य गतिविधियों के जरिए लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। उनका कहना था कि निरंतर जागरूकता ही सड़क हादसों में कमी लाने का स्थायी समाधान है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं भी बिना हेलमेट या सीटबेल्ट वाहन नहीं चलाएंगे और अपने परिवार व समाज के लोगों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करेंगे। इस मौके पर अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी राकेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






















