RSS Congress ticket Bihar: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी धमाका हुआ है और इस बार आरोप सीधे कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी की कार्यशैली पर लगे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद ने दावा किया है कि बिहार में कांग्रेस की चुनावी रणनीति पूरी तरह आरएसएस और बीजेपी के इशारों पर तय की गई। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जानबूझकर 25 सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया जिनकी वैचारिक पृष्ठभूमि संघ और बीजेपी से जुड़ी रही है, जिससे कांग्रेस को अंदर से कमजोर किया गया।
शकील अहमद का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में विपक्षी राजनीति नई करवट ले रही है और कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में कांग्रेस के हाशिये पर जाने का सबसे बड़ा कारण खुद राहुल गांधी हैं। उनके मुताबिक राहुल गांधी उन नेताओं से असहज महसूस करते हैं जिनका अपना जनाधार और मजबूत राजनीतिक पकड़ है। इसी डर और असुरक्षा की राजनीति के तहत उन्होंने ऐसे चेहरों को आगे बढ़ाया जो कांग्रेस की विचारधारा के बजाय आरएसएस और बीजेपी के एजेंडे के करीब रहे हैं।
डॉ. शकील अहमद ने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति का सबसे असुरक्षित नेता बताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक भविष्य केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता घटने पर टिका हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के भीतर यह एक खुला मजाक बन चुका है कि राहुल गांधी से अंतिम मुलाकात के बाद ही टिकट और फैसले बदल जाते हैं। इस बयान ने कांग्रेस के अंदरूनी हालात को सार्वजनिक मंच पर ला दिया है और पार्टी की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे विवाद के बीच मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा। शकील अहमद ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर पटना और मधुबनी स्थित उनके आवास पर हमला करवाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि पुतला दहन के बहाने उनके घर पर तोड़फोड़ हो सकती है और उन्हें जान-माल का खतरा है। इस आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पटना के एकता नगर स्थित उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है और वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शकील अहमद ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सवाल उठाना अपराध बना दिया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस को बचाना है तो सबसे पहले उसकी नीति और नेतृत्व की दिशा पर सवाल उठाने होंगे।
इस विवाद ने कांग्रेस में मुस्लिम नेतृत्व की भूमिका पर भी नई बहस छेड़ दी है। शकील अहमद का आरोप है कि राहुल गांधी अब मुस्लिम नेताओं के साथ मंच साझा करने और तस्वीरें खिंचवाने से भी बचते हैं। इस पर वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भी समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस में मुस्लिम लीडरशिप को लगातार हाशिये पर डाला जा रहा है और राहुल गांधी तक उनकी पहुंच पहले जैसी नहीं रही।
विपक्षी दलों ने भी इस बयान को कांग्रेस की अंदरूनी सच्चाई बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है। जेडीयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी लोकप्रिय और जमीनी नेताओं से डरते हैं, इसी वजह से कांग्रेस लगातार सिमटती जा रही है। उन्होंने शकील अहमद के दर्द को कांग्रेस के भीतर की आवाज करार दिया।
शकील अहमद ने तंज कसते हुए कहा कि अब ‘शकील इफेक्ट’ शुरू होगा और राहुल गांधी दिखावे के लिए पुराने नेताओं के साथ फोटो खिंचवाएंगे ताकि पार्टी में सब कुछ सामान्य दिखाया जा सके। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार की 25 सीटों पर आरएसएस के इशारे पर टिकट बांटने का मुद्दा दबाया नहीं जा सकता।






















