बिहार सरकार की सात निश्चय–3 योजना (Saat Nishchay 3) के तहत आम जनता की समस्याओं को आसान और सम्मानजनक तरीके से सुलझाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। “सबका सम्मान, जीवन आसान” के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। भागलपुर के समीक्षा भवन में इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने सात निश्चय–3 के तहत शुरू की गई नई व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि अब हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, प्रखंड, जिला और प्रमंडल स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में आम नागरिक सीधे संबंधित पदाधिकारी से मुलाकात कर सकेंगे। इस दौरान लोग अपनी शिकायतें स्वयं दर्ज करा पाएंगे, जिसके लिए किसी वकील या बिचौलिये की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता और अधिकारी आमने-सामने बैठकर समस्या पर चर्चा करेंगे और मौके पर ही समाधान का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता बढ़ाना और जनता को त्वरित राहत देना है।
जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि जिले के सभी किसानों की रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है और उनका सत्यापन कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंच सके।
वहीं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने प्रेस वार्ता में साइबर अपराध पर चिंता जताते हुए बताया कि इसे रोकने के लिए पूरे बिहार में साइबर थानों की स्थापना की गई है। इन थानों में तकनीकी रूप से दक्ष डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अपराधों से बचाव के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।






















