बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बार फिर जाली नोट और करेंसी एक्सचेंज (Samastipur Fake Currency) से जुड़े संगठित नेटवर्क की आशंका ने सुर्खियां बटोरी हैं। दलसिंहसराय अनुमंडल के अजनौल गांव में हरियाणा एसटीएफ और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता पंकज कुमार लाल के आवास पर सनसनीखेज छापेमारी कर पूरे इलाके में हलचल मचा दी। सुबह से ही हरियाणा एसटीएफ, समस्तीपुर एसटीएफ और स्थानीय थाना पुलिस की मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना दिया।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई हरियाणा में दर्ज एक गंभीर मामले से जुड़ी है, जिसमें रुपये डबलिंग के नाम पर ठगी और फिर लूट की वारदात सामने आई थी। प्राथमिकी में उल्लेख है कि एक व्यक्ति से दो लाख रुपये लेकर उसे चार लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। लेनदेन के बाद रास्ते में लूट की घटना हुई, जिसकी जांच में पंकज कुमार लाल का नाम उभरकर सामने आया। इसी कड़ी में हरियाणा एसटीएफ ने बिहार एसटीएफ से समन्वय स्थापित कर अजनौल में छापा मारा।
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छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने पंकज लाल के घर की गहन तलाशी ली और पूरे इलाके की घेराबंदी कर किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी। गांव वालों का कहना है कि कार्रवाई काफी देर तक चली और जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता के साथ हर पहलू को खंगालती रहीं। इस रेड ने स्थानीय स्तर पर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समस्तीपुर में जाली नोट छापने या करेंसी एक्सचेंज का कोई संगठित गोरखधंधा सक्रिय था और क्या इसे किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण भी हासिल था।
पंकज कुमार लाल के राजनीतिक और व्यावसायिक प्रोफाइल पर नजर डालें तो वे पूर्व में भाजपा के जिला प्रवक्ता रह चुके हैं। वर्तमान में वे रेलवे से जुड़े नीर पानी सप्लाई के काम में सक्रिय बताए जाते हैं और विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर में एक रिक्शा एजेंसी भी संचालित करते हैं। करीब दो साल पहले उन्होंने दलसिंहसराय के अजनौल में जमीन खरीदकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक भव्य मकान का निर्माण शुरू कराया था, जो अब भी निर्माणाधीन है। इस संपत्ति और कथित आय स्रोतों को लेकर भी जांच एजेंसियों की दिलचस्पी बढ़ी हुई बताई जा रही है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह मामला केवल एक ठगी और लूट तक सीमित है या इसके तार जाली नोट डबलिंग रैकेट जैसे बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति की शह पर यह धंधा फल-फूल रहा था।
मामले को लेकर डीएसपी विवेक शर्मा ने छापेमारी की पुष्टि की है, लेकिन विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया। उनका कहना है कि कार्रवाई पूरी होने और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। फिलहाल पूर्व भाजपा नेता पंकज कुमार लाल पुलिस कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। इस संयुक्त रेड ने न सिर्फ समस्तीपुर बल्कि पूरे बिहार में नकली नोट और अवैध करेंसी कारोबार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।






















