पटना। बिहार से बाहर पढ़ाई और रोजगार के लिए हो रहे पलायन को लेकर राज्य सरकार की चिंता अब नीतियों और फैसलों में साफ दिखने लगी है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary on Bihar Jobs) ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार द्वारा घोषित एक करोड़ सरकारी नौकरी और रोजगार के लक्ष्य को तय समय में पूरा किया जाएगा। उनका यह बयान केवल राजनीतिक आश्वासन नहीं बल्कि बदलती आर्थिक और औद्योगिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ बिहार के युवाओं को मिलेगा।
आरकेड बिजनेस कॉलेज एवं एबीसी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के संयुक्त वार्षिकोत्सव ‘गूंज 2025’ में युवाओं को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि राज्य के छात्र-छात्राओं को शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े। इसी सोच के तहत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने मात्र एक रुपये में जमीन उपलब्ध कराने की नीति शुरू की है। इसका मकसद बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि जब उद्योग बिहार आएंगे तो युवाओं को अपने राज्य में ही काम मिलेगा और पलायन की मजबूरी खत्म होगी। इसके साथ ही बिहार को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए सरकार ने कई ठोस योजनाएं तैयार की हैं, जिन पर सख्ती से अमल हो रहा है। सुरक्षित माहौल के बिना निवेश और रोजगार संभव नहीं है, इस सच्चाई को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
सम्राट चौधरी ने छात्र कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि साइकिल योजना से लेकर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना और महिला प्रोत्साहन राशि जैसी योजनाओं ने लाखों छात्र-छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने में मदद की है। इन योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षा को रोजगार से जोड़ना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के सामने अवसरों की कमी न रहे।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक और करियर काउंसलर आशिष आदर्श ने कहा कि बिहार सरकार लगातार छात्रों की समस्याओं को सुन रही है और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि आरकेडी बिजनेस कॉलेज और एबीसी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं और एआईसीटीई व एनसीटीई से मान्यता प्राप्त हैं। इसका असर यह है कि अब छात्र बाहर जाने के बजाय बिहार में रहकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
समारोह में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला, जहां प्रसिद्ध हास्य कवि विकास बैरागी और प्लेबैक सिंगर आंखी दास ने अपनी प्रस्तुतियों से युवाओं में ऊर्जा भर दी। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि बिहार अब शिक्षा और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।






















