बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बहुप्रतीक्षित समृद्धि यात्रा (Samriddhi Yatra) शुक्रवार को पूर्वी चंपारण के मोतिहारी पहुँची, जहाँ विकास, संवाद और भरोसे का अनोखा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से और भी अहम बना दिया। जिले में पहले से ही सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम कड़े थे, वहीं मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर आम लोगों में खास उत्साह नजर आया।

समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे पहले मोतिहारी स्थित महिला आईटीआई एवं सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने प्रशिक्षण ले रही छात्राओं से सीधे संवाद किया और तकनीकी शिक्षा के जरिए आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास ही युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है और राज्य सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और जमीनी स्तर पर इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। यह साफ संकेत था कि सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि परिणामों पर फोकस कर रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा- याद कीजिए नीतीश कुमार ने किस तरह से बिहार को बदला है..
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास रहा। मुख्यमंत्री ने 138 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 30 विकास योजनाओं का उद्घाटन किया, जबकि 34 करोड़ रुपये की लागत से 40 नई योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं से जिले के आधारभूत ढांचे, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसरों और आवागमन की सुविधा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं से मोतिहारी और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
समृद्धि यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने मोतिहारी से सटे मजूरहाँ क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह पुल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति देगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुँचे, जहाँ उन्होंने आम नागरिकों और जीविका दीदियों के साथ सीधा जनसंवाद किया। बड़ी संख्या में जुटी भीड़ इस बात का संकेत थी कि समृद्धि यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांव, गरीब, महिला और युवा हैं और समृद्धि यात्रा इन्हीं वर्गों को सशक्त बनाने का माध्यम है। जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।






















