Sanjay Saraogi mother death: बिहार की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। संजय सरावगी की माता राधा देवी सरावगी का आज सुबह मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में निधन हो गया। वह करीब 75 वर्ष की थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। इस समाचार के सामने आते ही बिहार भाजपा संगठन में शोक की लहर दौड़ गई और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच गहरा दुख देखा गया।
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार राधा देवी सरावगी का पार्थिव शरीर आज दोपहर लगभग दो बजे दरभंगा स्थित उनके पैतृक आवास लाया जाएगा। वहां अंतिम दर्शन के लिए आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तियों के पहुंचने की संभावना है। परिवार की ओर से सभी शुभचिंतकों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है।
राधा देवी सरावगी को एक धार्मिक, सादगीपूर्ण और शांत स्वभाव की महिला के रूप में जाना जाता था। वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी संवेदनशील थीं और सामाजिक गतिविधियों में रुचि रखती थीं। उनके निधन से सरावगी परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। राजनीतिक जीवन में सक्रिय संजय सरावगी के लिए यह व्यक्तिगत क्षति बेहद पीड़ादायक मानी जा रही है, जिसे लेकर पार्टी स्तर पर भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।
इस दुखद घटना के बाद पटना स्थित भाजपा कार्यालय में शोक सभा आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने संजय सरावगी से संपर्क कर उन्हें सांत्वना दी और इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया है। कई नेताओं ने कहा कि राधा देवी सरावगी का जीवन सादगी और संस्कारों का प्रतीक रहा है और उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है।
राजनीतिक हलकों में यह खबर तेजी से फैल गई और सोशल मीडिया पर भी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने शोक संदेश साझा किए। बिहार भाजपा संगठन के लिए यह क्षण भावनात्मक है क्योंकि संजय सरावगी वर्तमान में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे समय में मातृशोक की खबर ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी भावुक कर दिया है।
दरभंगा में अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं ताकि श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित करने की घोषणा की है।
राजनीति के अलावा सामाजिक जीवन में भी राधा देवी सरावगी का विशेष स्थान था। उन्हें पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को आगे बढ़ाने वाली महिला के रूप में देखा जाता था। यही कारण है कि उनके निधन की खबर केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों के बीच भी शोक और संवेदना का विषय बनी हुई है।


















