बिहार की राजनीति में सीमांचल (Seemanchal Politics) एक बार फिर राष्ट्रीय फोकस में है। गृह मंत्री के सीमांचल दौरे के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार से पूर्णिया और आसपास के जिलों में मखाना और मक्का आधारित फैक्ट्री लगाने की पुरानी घोषणा को लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि चुनावी समय में किए गए वादों को याद दिलाना जरूरी है, क्योंकि सीमांचल के किसान आज भी प्रसंस्करण उद्योग के अभाव में अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहे हैं।
पप्पू यादव ने कहा कि सीमांचल के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की तत्काल जरूरत है। उनका तर्क है कि यदि पूर्णिया में मखाना और मक्का की फैक्ट्री स्थापित होती है तो इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सीमांचल, जो लंबे समय से पिछड़ेपन, बाढ़ और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझता रहा है, वहां एग्री-प्रोसेसिंग यूनिट एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।
इसी दौरान विधानसभा में एक मंत्री द्वारा “सभी नेताओं की फाइल” होने के बयान पर भी पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी फाइलें हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि केवल फाइल दबाने से पारदर्शिता नहीं आएगी, बल्कि जनता के सामने सच्चाई रखने से ही लोकतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में सत्ता और विपक्ष दोनों ही किसी न किसी कारण से दबाव में नजर आते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन द्वारा राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी की लोकप्रियता राष्ट्रीय सीमाओं से परे है और उन्हें बदनाम करना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास ठोस मुद्दों की कमी है, इसलिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
पटना में नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर भी पप्पू यादव ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो उनके खिलाफ साजिश रची गई और उनकी सुरक्षा में कटौती की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश बताया।






















