कालिदास रंगालय में नवरात्रि के दौरान महानवमी के अवसर पर रामलीला का मंचन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन करने राजद सुप्रीमो लालू यादव भी पहुंचे। मंच पर लालू यादव हों और राजनीतिक बातें न हों ऐसा हो ही नहीं सकता। कुछ बातें लालू ने भी की। इस कार्यक्रम के दौरान रामलीला के मंच पर राम की लीला शुरू होने से पहले जीसस की लीला का भी जिक्र हुआ।
इस दौरान सारण विकास मंच के संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रामलीला संवादों से भरी हुई है। जीवन के हर चरण का संवाद इस रामलीला में विद्यमान है। आगे शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि क्षमाशीलता लालू यादव में भरी हुई है। उन्होंने लालू की तुलना जीसस क्राइस्ट से की, जिन्हें तमाम कष्ट दिए जाते रहे लेकिन वे अपने मार्ग से डिगे नहीं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईश्वर उन्हें माफ करें, जिन्होंने लालू जी को प्रताड़ित किया क्योंकि वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं।
शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लालू जी का रामलीला के मंचन में आना हर्षोल्लास का विषय है। मैं उस सारण जिले का निवासी हूं जो लालू जी का कर्म क्षेत्र रहा है। लालू यादव जी ने कलाकारों के लिए इतना काम किया है कि पद्मश्री मिलने के बाद जब मैं रामचंद्र मांझी जी से मिला तो उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा लालू यादव से मिलना ही बताया था।




















