SIR Issue Bihar: नवनियुक्त बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों की घबराहट साफ दिखाई दे रही है, क्योंकि अब तक फर्जी तरीके से मतदान कराने का जो खेल चलता रहा, वह उजागर होने की कगार पर है। उनके अनुसार विपक्ष की सबसे बड़ी चिंता यही है कि मतदाता सूची से अवैध घुसपैठियों और बांग्लादेशी नागरिकों के नाम न हट जाएं और यह सिलसिला आगे भी चलता रहे।
संजय सरावगी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और वास्तविक हो। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के लिए फर्जी मतदाताओं को संरक्षण देते रहे हैं। SIR इसी व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक अहम कदम है, लेकिन यही वजह है कि विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बिहार में चुनाव से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था, लेकिन जनता ने उस बयानबाजी को नकार दिया।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा लखीसराय पहुंचे.. अधिकारियों को दिए निर्देश- जनहित मामलों को जल्द निपटाए
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार आज की जनता पहले जैसी नहीं रही। अब लोग भ्रामक प्रचार और गलत सूचनाओं को समझते हैं और ऐसे प्रयासों को माफ करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में भी राज्य सरकार SIR का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि उन्हें आशंका है कि अगर मतदाता सूची की सख्त जांच हुई तो घुसपैठियों और अवैध रूप से जुड़े नामों का पर्दाफाश हो जाएगा। यही कारण है कि SIR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कहा है, वह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की सोच को दर्शाता है। उनके मुताबिक SIR का उद्देश्य किसी समुदाय या राज्य को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मतदान का अधिकार केवल वास्तविक और पात्र नागरिकों तक ही सीमित रहे। उन्होंने कहा कि जब मतदाता सूची शुद्ध होगी, तभी निष्पक्ष चुनाव संभव हैं और यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।






















