सिवान में चल रही समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Samriddhi Yatra Siwan) उस समय अलग ही अंदाज में नजर आए, जब उनके संबोधन के बीच कुछ महिलाएं मंच के सामने से उठकर जाने लगीं। मुख्यमंत्री ने तुरंत माइक संभाला और बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि जब तक बातें सुनी नहीं जाएंगी, तब तक सच्चाई समझ में नहीं आएगी। उनके इस सीधे और आत्मविश्वास भरे बयान ने पंडाल के माहौल को अचानक गंभीर बना दिया और लोग रुककर पूरे ध्यान से मुख्यमंत्री की ओर देखने लगे। यह पल न सिर्फ राजनीतिक संदेश का था, बल्कि सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने की कोशिश भी दिखा।

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने बिहार के बीते दो दशकों की तस्वीर खींचते हुए कहा कि 2005 से पहले राज्य की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। शाम होते ही लोग घरों में सिमट जाते थे, सड़कों की हालत खराब थी और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाली का शिकार थीं। नीतीश कुमार ने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन हालात को बदलने के लिए लगातार काम किया और आज बिहार विकास की नई कहानी लिख रहा है।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक माहौल पर बात करते हुए कहा कि पहले राज्य में साम्प्रदायिक तनाव आम बात थी, लेकिन उनकी सरकार ने प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत किया। उन्होंने कब्रिस्तानों की घेराबंदी जैसे फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि यह कदम हर समुदाय को सम्मान और सुरक्षा देने के उद्देश्य से उठाया गया था। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों ने समाज में भरोसे का माहौल पैदा किया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को विकास की रीढ़ बताते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा निवेश किया है। घर-घर नल का जल पहुंचाने, बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और गरीब परिवारों का बिजली बिल शून्य करने जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब बुनियादी सुविधाएं किसी विशेष वर्ग तक सीमित नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में कोई भी गरीब सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा।
सिवान जिले के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई नई योजनाओं की नींव रखी गई है। आरओबी निर्माण, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगले पांच वर्षों में बिहार विकास की रफ्तार और तेज होगी और राज्य देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा होगा।






















