नयी दिल्ली: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि यह कवरेज 24 प्रतिशत से बढ़कर 48 प्रतिशत हो गया है, जो देश में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस दौरान एक विशेष कार्यक्रम में 15 और बैंकों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जोड़ने के लिए एक बैंकिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। डॉ. मंडाविया ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है और नए भारत का निर्माण हो रहा है। नए भारत में देश के नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना मोदी सरकार की प्राथमिकता है। पिछले एक दशक में भारत सरकार की योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा में बहुत बड़ी बढ़ोतरी हुई है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक दशक पहले देश में सामाजिक सुरक्षा का कवरेज केवल 24 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 48 प्रतिशत हो गया है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने EPFO के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में देश में 8 करोड़ से अधिक EPFO सदस्य हैं और 78 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं। उन्होंने कहा, “अब तक देश में केवल 17 बैंकों के माध्यम से EPFO का कारोबार चल रहा था, लेकिन अब 15 और बैंकों को जोड़ा जा रहा है, जिससे EPFO तक पहुंच और आसान हो जाएगी।” यह कदम सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गिग वर्कर्स और अन्य कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए उठाया जा रहा है। हाल ही में सरकार ने ई-श्रम पोर्टल का विस्तार किया है, जिसके तहत 30.67 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों को कवर किया गया है।
इसके अलावा, गिग वर्कर्स को भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत शामिल किया गया है। इससे पहले, मार्च 2025 में एक पोस्ट-बजट वेबिनार ‘इन्वेस्टिंग इन पीपल’ में बोलते हुए डॉ. मंडाविया ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के वर्ल्ड सोशल सिक्योरिटी रिपोर्ट 2024-26 का हवाला देते हुए कहा था कि भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 24.4 प्रतिशत से बढ़कर 48.8 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बेरोजगारी दर 2017-18 में 6 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 3.2 प्रतिशत हो गई है, जबकि महिला कार्यबल भागीदारी 22 प्रतिशत से बढ़कर 40.3 प्रतिशत हो गई है।
यह आयोजन ‘1 अप्रैल 2025 से प्राइवेट सेक्टर बैंकों के साथ बैंकिंग समझौते’ के थीम पर आधारित था, जिसमें कई मीडिया संस्थानों जैसे ANI और LANS ने हिस्सा लिया। इस कदम से न केवल EPFO सदस्यों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, बल्कि पेंशनभोगियों के लिए भी वित्तीय लेनदेन में आसानी होगी। डॉ. मंडाविया ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि “लोगों में निवेश करना केवल एक आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि एक सामाजिक, नैतिक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है, जो एक शिक्षित, स्वस्थ और सशक्त समाज की दिशा में ले जाती है।” यह कदम सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप को साकार करने की दिशा में एक और कदम है।





















