सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस पाठ्यपुस्तक में शामिल ‘ज्यूडिशियरी में करप्शन’ से संबंधित हिस्से पर सख्त कार्रवाई करते हुए पूरी किताब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने किताब की सभी फिजिकल कॉपियों को जब्त करने और इसके डिजिटल संस्करणों को तुरंत हटाने का आदेश दिया।
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‘ज्यूडिशियल करप्शन’ वाले चैप्टर को लेकर NCERT ने माफी भी मांगी, मगर सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया. इस पर एक्शन लेते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने NCERT की किताब के विवादित चैप्टर पर बैन लगा दिया और कॉपी के पब्लिकेशन, री-प्रिंटिंग और डिजिटल शेयरिंग पर रोक लगा दी. एनसीईआरटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल दागे. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम और गहरी जांच चाहते हैं. ज्यूडिशियरी के हेड के तौर पर जवाबदेही पक्का करना मेरा कर्तव्य है. जिनकी गलती है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए.
एनसीईआरटी किताब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए किताबों की तत्काल जब्ती और डिजिटल संस्करण हटाने के निर्देश दिए. चीफ जस्टिस ने कहा, ‘जब तक कुछ जवाबदेही तय नहीं हो जाती, मैं यह कार्रवाई बंद नहीं करूंगा. हम जानना चाहते हैं कि इसके पीछे कौन लोग हैं, नाम बताओ.’ सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि केंद्र और राज्य के अधिकारी तुरंत उसके निर्देशों का पालन करें और चेतावनी दी कि अगर किसी भी तरह से निर्देशों की अवहेलना की गई तो ‘गंभीर कार्रवाई’ की जाएगी.






















