Tata Group OpenAI partnership: भारत की तकनीकी दुनिया में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ सामने आया है। देश के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह Tata Group ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक अग्रणी कंपनी OpenAI के साथ बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है। इस समझौते का उद्देश्य केवल बिजनेस इनोवेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक AI हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना भी है।
इस साझेदारी में Tata Consultancy Services की अहम भूमिका होगी, जो OpenAI की उन्नत तकनीकों को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योगों में लागू करने का काम करेगी। यह गठजोड़ एंटरप्राइज, उपभोक्ता सेवाओं और सामाजिक क्षेत्र तीनों स्तरों पर AI आधारित समाधान विकसित करेगा।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran और OpenAI के सीईओ Sam Altman ने इसे भारत के तकनीकी भविष्य के लिए “मील का पत्थर” बताया।
इस साझेदारी के तहत हजारों टाटा कर्मचारियों को Enterprise ChatGPT की सुविधा दी जाएगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और नवाचार क्षमता में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। वहीं TCS, OpenAI के Codex जैसे अत्याधुनिक टूल्स का उपयोग कर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और डिजिटल सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।
टाटा समूह के अनुसार, यह सहयोग केवल टेक्नोलॉजी साझा करने तक सीमित नहीं रहेगा। OpenAI की एजेंटिक AI क्षमताओं और TCS के उद्योग-विशेष अनुभव को मिलाकर ऐसे समाधान विकसित किए जाएंगे जो बैंकिंग, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं। इसका सीधा फायदा भारतीय कंपनियों को मिलेगा, जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को AI से लैस कर सकेंगी।
इस करार का सबसे बड़ा और दूरगामी पहलू भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण है। TCS की HyperVault यूनिट और OpenAI मिलकर देश में मल्टी-ईयर आधार पर AI डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करेंगे। शुरुआती चरण में 100 मेगावॉट की क्षमता वाला AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 1 गीगावॉट तक ले जाने की योजना है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर अगली पीढ़ी के AI वर्कलोड को संभालने में सक्षम होगा और भारत को वैश्विक AI नेटवर्क में अग्रणी भूमिका दिला सकता है।
इस साझेदारी का सामाजिक पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। OpenAI Foundation और TCS मिलकर भारतीय युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराएंगे। इसका लक्ष्य है कि कम से कम 10 लाख युवाओं को AI के जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार किया जाए। इसके तहत NGOs के लिए विशेष टेक्नोलॉजी टूलकिट तैयार किए जाएंगे और युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी नई पहल शुरू होगी।
Sam Altman ने कहा कि भारत पहले से ही AI अपनाने में अग्रणी देशों में शामिल है और यहां की प्रतिभा, महत्वाकांक्षा और सरकारी समर्थन इसे भविष्य का AI लीडर बना सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह साझेदारी “AI with India, for India और in India” की सोच पर आधारित है, जिससे देश के हर वर्ग तक तकनीक का लाभ पहुंच सके।
वहीं N. Chandrasekaran ने इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। उनके अनुसार, यह सहयोग न केवल उद्योगों को बदल देगा बल्कि भारतीय युवाओं को AI युग में सफल होने के लिए जरूरी कौशल भी देगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की ओर ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।


















