बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के दिन अचानक से नए समीकरणों की आहट सुनाई देने लगी है। जनशक्ति जनता दल (JJD) अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस बार मकर संक्रांति पर अपने पटना आवास में खास दही-चूड़ा भोज (Tej Pratap Dahi Chura Bhoj) का आयोजन कर न केवल राजनीतिक गलियारों का ध्यान खींचा, बल्कि इस आयोजन को एक नए राजनीतिक संदेश में भी बदल दिया। तेज प्रताप यादव ने भोज से पहले अपने पिता लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत बिहार सरकार के कई मंत्रियों को निमंत्रण भेजा था।

मकर संक्रांति के मौके पर जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के पटना स्थित आवास पर मकर संक्रांति के मौके पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है। तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव को दही-चूड़ा भोज में आने का निमंत्रण दिया था। उन्होंने बिहार सरकार के लगभग सभी मंत्रियों से मुलाकात कर उन्हें इस भोज में शामिल होने का न्योता दिया था।
दही-चूड़ा से सुलझे रिश्तों के संकेत: तेजप्रताप के भोज में पहुंचे लालू, बोले- परिवार में सब ठीक है
तेज प्रताप के भोज में सबसे पहले लालू प्रसाद यादव पहुंचे। इसके अलावा बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, नीतीश सरकार में मंत्री विजय चौधरी एवं अशोक चौधरी, रालोजपा प्रमुख पशुपति पारस, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, समेत कई नेता तेज प्रताप के घर पहुंचे। हालांकि, उनके छोटे भाई एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अभी तक तेज प्रताप के भोज में नहीं पहुंचे हैं।

तेज प्रताप यादव के आवास पर दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि किसी भी जाति, धर्म, क्षेत्र, भाषा का व्यक्ति हो, कोई हमारे लोक त्योहार को मनाता है और आमंत्रण देता है तो हम इसका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि ये (तेज प्रताप) हमारे पास आए, हम भी इनके पास आए। किसी व्यक्ति से मैं नफरत नहीं करता हूं। उनका व्यवहार, कार्य, सिद्धांत अलग हो सकता है। लेकिन हमारी सनातन संस्कृति का संस्कार और त्योहार एक है। सभी मिल जुलकर इसे मनाएं, आपसी भाईचारा बढ़ाएं। सिन्हा पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेज प्रताप के भाजपा में आने के सवाल को टाल गए।

वहीं तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शुभ मौके से वह नई शुरुआत करने जा रहे हैं। आगामी दिनों में वह बिहार यात्रा पर निकलेंगे। तेजस्वी के दही-चूड़ा भोज में शामिल नहीं होने पर उन्होंने कहा कि छोटे भाई थोड़े देर से सोकर उठते हैं। लालू के आने पर कहा कि पिताजी ने आशीर्वाद दिया है।






















