मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति एक बार फिर परंपरा और संकेतों के संगम की गवाह बनने जा रही है। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) पहली बार स्वतंत्र रूप से चूड़ा–दही भोज का आयोजन करने जा रहे हैं। यह आयोजन सिर्फ एक सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में कई नए सवाल और संभावनाएं भी खड़ी कर रहा है।
इसी क्रम में तेज प्रताप यादव ने उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर पहुंचकर उनके पुत्र और बिहार सरकार के नए मंत्री दीपक प्रकाश को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण पत्र सौंपा। इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार से आगे बढ़कर देखा जा रहा है, क्योंकि मौजूदा समय में राजनीतिक रिश्तों और समीकरणों में तेजी से बदलाव हो रहा है। तेज प्रताप ने मंत्री दीपक प्रकाश से आग्रह किया कि वे मकर संक्रांति के दिन आयोजित चूड़ा–दही भोज में अवश्य शामिल हों।
बिहार की राजनीति में चूड़ा–दही भोज की परंपरा दशकों पुरानी है। राजद सुप्रीमो लालू यादव हर वर्ष मकर संक्रांति पर इस भोज का आयोजन करते रहे हैं, जहां राजनीति और समाज के तमाम बड़े चेहरे एक मंच पर दिखाई देते हैं। लेकिन इस बार का आयोजन इसलिए खास है क्योंकि पार्टी और परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव पहली बार इस परंपरा को अपने स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं। इसे उनकी नई राजनीतिक पहचान और स्वतंत्र भूमिका के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
यूपी में बिहार से भी बड़ा लोकतांत्रिक झटका? SIR के बाद 2.89 करोड़ नाम गायब
तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया है कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन उनकी पार्टी की ओर से चूड़ा–दही भोज आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से आमंत्रण दिया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और राज्य के उप मुख्यमंत्रियों को भी निमंत्रण कार्ड भेजे जाएंगे। यह सूची अपने आप में यह बताने के लिए काफी है कि तेज प्रताप इस आयोजन को व्यापक और सर्वसमावेशी बनाना चाहते हैं।
तेज प्रताप का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति पर चूड़ा, दही, गुड़ और तिलकुट के साथ पर्व मनाने की परंपरा बिहार की पहचान रही है और उसी परंपरा को निभाने के उद्देश्य से यह भोज रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे बिहार से जो लोग इस आयोजन में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए दरवाजे खुले रहेंगे।






















