बिहार की राजनीति में इस मौसम सबसे चर्चित चेहरा बनते जा रहे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) इस बार परंपरागत राजनीतिक तरीकों से परे एक अलग रणनीति अपनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल से बाहर किए जाने और ‘लैंड फ़ॉर जॉब’ मामले में परिवार के साथ चार्जशीटेड होने के बावजूद तेज प्रताप पर इसका कोई राजनीतिक दबाव दिखाई नहीं दे रहा। बल्कि इसके उलट, उन्होंने अपने राजनीतिक नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए सामाजिक-सांस्कृतिक मंच का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
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तेज प्रताप यादव लगातार सत्ता पक्ष के दिग्गजों, विपक्षी चेहरों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हस्तियों से मिलकर मकर संक्रांति पर होने वाले दही-चूड़ा भोज का न्योता दे रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि तेज प्रताप यादव अब केवल बीजेपी नेताओं से ही नहीं, बल्कि महागठबंधन के नेताओं को भी आमंत्रित कर रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव के ‘छाया साथी’ कहे जाने वाले वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी से मुलाकात की। सहनी, जिनकी राजनीतिक भूमिका बिहार की चुनावी केमेस्ट्री में महत्वपूर्ण रही है, उनके साथ तेज प्रताप की मुलाकात नई संभावनाओं और संभावित संयोजनों की तरफ भी इशारा करती है।
तेज प्रताप ने एक्स (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर लिखा कि उन्होंने मुकेश सहनी के आवास पहुँचकर उनसे मुलाकात की और 14 जनवरी को 26 M स्ट्रैंड रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर होने वाले दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दिया। साथ ही उन्होंने सहनी को नव वर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।






















