बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने राजनीति को एक नई हवा दे दी। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और भोजपुरी सुपरस्टार व भाजपा सांसद रवि किशन (Tej Pratap Yadav Ravi Kishan Patna Airport) की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया जो चर्चा का विषय बन गया। दोनों नेता एयरपोर्ट से एक साथ बाहर निकले और साथ ही मीडिया को संबोधित भी किया।

तेज प्रताप यादव ने रवि किशन को विदा करते हुए कहा, “जो बिहार में पलायन रोकेगा, रोजगार देगा — मैं उसका साथ दूंगा,”। उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि राजनीति जाति या दल से नहीं, विकास और रोजगार के मुद्दे से तय हो। तेज प्रताप ने साफ कहा कि वह किसी भी दल या व्यक्ति का समर्थन करेंगे जो राज्य के युवाओं के लिए रोजगार सृजन और पलायन रोकने के लिए ईमानदारी से काम करेगा।
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रवि किशन ने भी तेज प्रताप की बातों का समर्थन किया और कहा, “तेज प्रताप दिल के साफ हैं और जो सोचते हैं वही कहते हैं। वह महादेव के भक्त हैं, मैं भी महादेव का भक्त हूं और मोदी जी भी महादेव के भक्त हैं।” रवि किशन ने आगे कहा कि राजनीति से ऊपर इंसानियत और समाजहित सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में विकास और रोजगार की दिशा में कोई ठोस कदम उठता है, तो वह हर उस पहल का स्वागत करेंगे जो जनता के कल्याण से जुड़ी हो।
भोजपुरी स्टार और भाजपा सांसद मनोज तिवारी से जब तेज प्रताप यादव के इस बयान पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि तेज प्रताप के प्रति उनके मन में सहानुभूति है। उन्होंने कहा, “उनके घर में जो हालात रहे, उसमें उनकी मां का प्यार झलकता है। भाजपा का दरवाज़ा उन सबके लिए खुला है जो सबका साथ, सबका विकास की भावना से आते हैं।” मनोज तिवारी के इस बयान ने भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है कि क्या आने वाले समय में बिहार की राजनीति में कुछ नए समीकरण बन सकते हैं।






















