नई दिल्ली से पटना आ रही तेजस राजधानी एक्सप्रेस (Tejas Rajdhani Express) में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। जैसे ही यह खबर रेलवे कंट्रोल रूम और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची, पूरे रूट पर अलर्ट घोषित कर दिया गया। ट्रेन को एहतियातन बीच रास्ते में रोका गया, जिससे यात्रियों के बीच डर और असमंजस की स्थिति बन गई। आधी रात को अचानक जांच शुरू होने से कई यात्री अपने-अपने कोच से बाहर निकल आए और स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
सूचना के मुताबिक, धमकी मिलने के बाद ट्रेन को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर करीब 31 मिनट तक रोका गया। यहां रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड ने ट्रेन के सभी कोचों और यात्रियों के सामान की गहन तलाशी ली। सुरक्षा एजेंसियों ने हर कोच, टॉयलेट, लगेज रैक और तकनीकी हिस्सों की बारीकी से जांच की, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के डीडीयू जंक्शन पर भी ट्रेन को कुछ देर के लिए रोका गया था, जहां प्लेटफार्म पर मौजूद सुरक्षा बलों ने स्थिति का जायजा लिया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि धमकी को गंभीरता से लेते हुए सभी तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। अलीगढ़ में आरपीएफ के कमांडिंग ऑफिसर गुलजार सिंह के नेतृत्व में बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड, फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।
अधिकारियों ने साफ किया कि यह बम की धमकी पूरी तरह अफवाह साबित हुई, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को सामान्य रूप से पटना के लिए रवाना कर दिया गया। हालांकि इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और फर्जी धमकियों की बढ़ती प्रवृत्ति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में इस तरह की धमकियों की संख्या में इजाफा देखा गया है। जनवरी में काशी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जो बाद में झूठी निकली। इसके अलावा पटना समेत बिहार के चार न्यायालयों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जहां जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन अफवाहों के पीछे कौन लोग हैं और इनका मकसद क्या है। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।


















