Bihar Budget Session Politics: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने सरकार के पूरे दावे को “कागजी हरियाली” करार देते हुए कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों पर सीधा हमला बोला। चोटिल पैर के बावजूद सदन पहुंचे तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में बस पहला पन्ना बदला गया है, बाकी वही पुराना भाषण है, जिसे हर साल दोहराया जाता है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार के भाषण में विकास और उपलब्धियों की लंबी सूची दिखाई जाती है, लेकिन जमीन पर बिहार की तस्वीर बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि राज्य में दिनदहाड़े हत्या, बलात्कार, अपहरण और गोलीकांड जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने के बजाय हर जगह “हरियाली” दिखाने में लगी हुई है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि चाहे कोई भी राज्यपाल आए, उन्हें वही भाषण पढ़ना होता है जो सरकार लिखकर देती है। पिछले दस वर्षों से विधानसभा में एक ही तरह की बातें दोहराई जा रही हैं। कई योजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें चुनाव से पहले विपक्ष की घोषणाओं से कॉपी किया गया, लेकिन उनके क्रियान्वयन को लेकर कोई ठोस रोडमैप नहीं है। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि अगर सरकार एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का दावा कर रही है, तो यह स्पष्ट क्यों नहीं किया जा रहा कि किस प्रकार का रोजगार होगा और किन क्षेत्रों में उद्योग लगाए जाएंगे।
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय प्रतीकात्मक राजनीति की जाती है। उन्होंने कहा कि जब बिहार में चुनाव थे, तब वित्त मंत्री ने मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी पहनी थी और अब जब तमिलनाडु में चुनाव हैं, तो वहां की पारंपरिक साड़ी पहनकर संदेश दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, कपड़ों से नहीं बल्कि नीतियों से राज्यों का विकास होना चाहिए, लेकिन बजट में बिहार के लिए ठोस चर्चा नहीं दिखी।
जहानाबाद की नीट छात्रा के मामले को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, लेकिन इससे न्याय मिलेगा या नहीं, इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। तेजस्वी यादव ने याद दिलाया कि बिहार में पहले भी कई बड़े मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जैसे सृजन घोटाला और अन्य गंभीर अपराध, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी परिणाम सामने नहीं आए। उन्होंने कहा कि जब पुलिस व्यवस्था विफल हो जाती है, तब जांच एजेंसियों को सौंप देना समाधान नहीं होता।
तेजस्वी यादव ने नीति आयोग की रिपोर्ट और विभिन्न राष्ट्रीय सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रति व्यक्ति आय और रोजगार जैसे मानकों पर बिहार लगातार पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर डबल इंजन की सरकार कामयाब है, तो बिहार देश के अन्य राज्यों से आगे क्यों नहीं बढ़ पा रहा है। उनके अनुसार बिहार केवल दो ही मामलों में आगे है, अपराध और भ्रष्टाचार।






















