आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार का अंतिम दिन है। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav Ramgarh Rally) आज ताबड़तोड़ 16 जनसभाएं कर रहे हैं। उन्होंने दिनारा, रामगढ़, सासाराम, डेहरी, नवीनगर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा को संबोधित किया। कैमूर जिले के रामगढ़ हाई स्कूल मैदान में रविवार को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने अपने 37वें जन्मदिन पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
तेजस्वी ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आज 37 साल का हो गया हूं और अपने हेलीकॉप्टर को ट्रैक्टर बना दिया है। लेकिन मोदी जी ने इस नौजवान को रोकने के लिए 30 हेलीकॉप्टर छोड़ रखे हैं। भारत सरकार, बिहार सरकार, सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स, चुनाव आयोग, गोदी मीडिया—सब मिलकर मुझे रोकने में लगे हैं।” उनके इस बयान ने भीड़ में जोश भर दिया।

तेजस्वी ने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “मैं रामगढ़ की जनता से ताकत मांगने आया हूं। इस बार पुरानी सोच और पुरानी सरकार को उखाड़ फेंकिए, और नई सोच को मौका दीजिए।” तेजस्वी ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है तो हर उस परिवार में जिसमें कोई सरकारी नौकरी नहीं है, एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने वादों की झड़ी लगाते हुए कहा कि गैस सिलेंडर ₹500 में मिलेगा, महिलाओं को 30 हजार रुपये ‘माई-बहन योजना’ के तहत मकर संक्रांति (14 जनवरी) को दिए जाएंगे, बुजुर्गों को ₹1500 की पेंशन दी जाएगी और कृषि में इस्तेमाल होने वाली बिजली पूरी तरह माफ की जाएगी।
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “भले ही मेरी उम्र 37 साल है, लेकिन मेरी जुबान पक्की है। मैं झूठे वादे नहीं करता जैसे मोदी जी करते हैं।” तेजस्वी ने मंच से कैमूर के उम्मीदवार अजीत सिंह को भारी मतों से जिताने की अपील की और कहा कि यह चुनाव बिहार के भविष्य की दिशा तय करेगा।
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सभा में मौजूद बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने तेजस्वी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उन्हें लालटेन भेंट की, जिसे कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ स्वीकार किया। मंच पर “लालटेन जलाओ, अंधेरा मिटाओ” के नारे गूंजते रहे।
रामगढ़ में तेजस्वी यादव की इस सभा में भारी भीड़ उमड़ी। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने उनके नारों और घोषणाओं पर तालियां बजाकर समर्थन जताया। यह सभा बिहार के राजनीतिक माहौल में नई ऊर्जा का संचार करती दिखी और यह साफ संकेत दे गई कि तेजस्वी यादव अब अपनी राजनीतिक लड़ाई को ‘नई सोच बनाम पुरानी व्यवस्था’ के फ्रेम में लाना चाहते हैं।






















