गोपालगंज के प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर (Thave Durga Mandir) से जुड़े करोड़ों रुपये के आभूषण चोरी कांड का आखिरकार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में गोपालगंज पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि मंदिर से चोरी हुए सभी कीमती आभूषणों की बरामदगी का भी दावा किया है। इस खुलासे के बाद मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं में राहत और संतोष का माहौल देखा गया।
थावे दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस संगठित चोरी की साजिश में शरीफ आलम, चांद आलम, सिवान निवासी एजाज अली और एक महिला की संलिप्तता सामने आई है, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार चोरी गए सोने की छतरी, हार और अन्य कीमती आभूषण सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं, जो इस केस की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
एसपी विनय तिवारी ने कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं था, बल्कि धार्मिक आस्था पर हमला था, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लिया। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और आगे की जांच जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
गौरतलब है कि 17 दिसंबर को थावे दुर्गा मंदिर में हुई इस चोरी ने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी थी। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी देखी गई थी। करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषणों की चोरी ने न केवल प्रशासन बल्कि आम लोगों को भी झकझोर दिया था।
पुलिस द्वारा मामले के खुलासे के बाद जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो माहौल पूरी तरह बदल चुका था। लोगों ने पुलिस प्रशासन के समर्थन में नारे लगाए और गोपालगंज पुलिस की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि इस कार्रवाई से उनकी आस्था और सुरक्षा दोनों पर विश्वास मजबूत हुआ है।




















