भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद देश भर में जगह-जगह दंगों का सिलसिला चल निकला है। राज्य और केन्द्र सरकार दंगों से निपटने के लिए तमाम इन्तजाम कर रही हैं और शांति की अपील भी कर रही हैं। इस बीच देश की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गयी है।
नफरत की राजनीति पर पप्पू यादव की अपील
जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने देश के आवाम से मार्मिक अपील किया है कि हिंदुस्तान को मानने वाले सभी धर्म के लोगो को हिंसा न करें। पैगम्बर साहेब भी इसके पक्षधर नही हो सकते हैं। साथ ही साथ ही लोगों से शांति और अमन से जीने की बात कही है।
नफरत की राजनीति का आरोप
पप्पू यादव ने कहा है कि बीजेपी किस प्रकार की राजनीति कर रही है। बड़ा सवाल है नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही है? राजीनीति करने की स्वतंत्रता किसी को नहीं दी जा सकती है। कल हुए हिंसा पर पूर्व सांसद ने लोगो से हिंसा नही करने की मांग की साथ AIMIM और बीजेपी नफरत की राजनीति कर रहे हैं। दोनों दलों के लोग इस तरह का काम नहीं करे।
मुख्यमंत्रियों से सौहार्द्र की मांग
पप्पू यादव ने कहा है कि मैं नीतीश कुमार और अन्य मुख्यमंत्रियों से मांग करता हूं कि जो भी संगठन ऐसा करे, उनको बैन करें। इस मामले में शामिल राजनीतिक पार्टियों को भी बैन किया जाए। मामले की पूरी जांच हो। जो भी हिंसा फैलाने की कोशिश करे, उससे भारत की नागरिकता वापस ली जाए।




















