बिहार कि पूर्वी चंपारण पुलिस को अपराधियों (Criminals) को पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई है। ढाका रजिस्ट्री कार्यालय गोलीकांड में मुख्य आरोपी दिलीप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दूसरी तरफ दरपा थाना क्षेत्र में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के अधिकार के साथ हुई लूटपाट का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर उद्भेदन करते हुए दो चोरों को हिरासत में ले लिया है।
ढाका रजिस्ट्री कार्यालय गोलीकांड का अपराधी गिरफ्तार
बता दें कि ढाका रजिस्ट्री कार्यालय गोलीकांड में पुलिस ने ढाका रजिस्ट्री ऑफिस के पास पिछले 15 फरवरी को दिनदहाड़े वरुण सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी दिलीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दिलीप यादव के पास से कोई घातक हथियार बरामद नहीं हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए दिलीप, नेपाल से भारत आया था। जिसकी सूचना पुलिस को मिल चुकी थी। वहीं गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर लखौरा थाना क्षेत्र के धुमनगर से दिलीप को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि
हालांकि दिलीप यादव की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है। वहीं मोतिहारी एसपी कुमार आशीष ने कहा कि अपराधी दिलीप यादव साल 2017 में छौड़ादनो के व्यवसायी बसंत साह का अपहरण कर 30 लाख रुपए की फिरौती लेने के बाद चर्चा में आया था और वह अंतर जिला आपराधिक गिरोह का सदस्य है। जिसपर पहले से ही 10 मामले दर्ज है।
माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लूट का पर्दाफार्श
बता दें कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लूट का पर्दाफार्श हो चूका है। दरपा थाना क्षेत्र में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के अधिकारी के साथ हुई लूटपाट का 24 घंटे के अंदर उद्भेदन करते हुए पुलिस ने दो लुटेरों को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस ने अपराधियों के पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूट के 25 हजार रुपए और एक बाइक बरामद किया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार मोतीलाल कुशवाहा दरपा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वहीं विक्की उर्फ आदित्य छौड़ादानो थाना क्षेत्र से है। साथ ही एसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि 7 मार्च को अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस कंपनी के अधिकारी के साथ हथियार के जोर पर 25 हजार रुपए की लूट को अंजाम दिया था।