उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची (UP Voter List 2026) जारी की गई है, जिसके अनुसार राज्य में करीब तीन करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और फिलहाल प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 55 लाख के आसपास दर्ज की गई है। यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी और मतदान की शुद्धता से सीधे जुड़ा हुआ है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, SIR अभियान के तहत यूपी में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 फॉर्म प्राप्त हुए, जिसमें से लगभग 81.30 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने फॉर्म भरकर जमा किए, जबकि 18.70 प्रतिशत मतदाता इस प्रक्रिया से बाहर रह गए। चुनाव आयोग का कहना है कि यही वजह है कि ड्राफ्ट लिस्ट में बड़े पैमाने पर नामों में कटौती देखने को मिली है। आयोग का स्पष्ट रुख है कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना इस कवायद का मुख्य उद्देश्य है।
ड्राफ्ट आंकड़ों पर नजर डालें तो यह साफ होता है कि हटाए गए नामों के पीछे कई वजहें हैं। करीब 2.17 करोड़ मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जो स्थानांतरित हो चुके हैं। 46.23 लाख मतदाताओं के नाम मृत घोषित होने के कारण हटाए गए हैं। इसके अलावा 25.46 लाख डुप्लीकेट एंट्री, 83.73 लाख लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता और 9.57 लाख अन्य श्रेणी में आने वाले नाम भी सूची से बाहर किए गए हैं। कुल मिलाकर लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने का अनुमान लगाया गया है, जो यूपी जैसे बड़े राज्य में एक ऐतिहासिक आंकड़ा माना जा रहा है।
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हालांकि जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, उनके लिए राहत की बात यह है कि यह अंतिम सूची नहीं है। चुनाव आयोग ने 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक दावों और आपत्तियों के निस्तारण का समय दिया है। इस अवधि में जिन लोगों को नोटिस मिलेगा, उन्हें अपने दस्तावेजों के जरिए यह साबित करना होगा कि वे मतदाता सूची में शामिल होने के पात्र हैं। आयोग के अनुसार करीब 1.4 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे और उन्हें चुनाव आयोग द्वारा मान्य 13 दस्तावेजों में से किसी एक को जमा करना होगा। इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उनका नाम अंतिम सूची में जोड़ा जाएगा।
निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया किसी को वोट के अधिकार से वंचित करने के लिए नहीं, बल्कि फर्जी, डुप्लीकेट और अमान्य प्रविष्टियों को हटाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए की जा रही है। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 मार्च 2026 को यूपी की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी।
इस बीच, बड़ी संख्या में लोग यह जानना चाहते हैं कि नई वोटर लिस्ट में उनका नाम है या नहीं और इसे कैसे डाउनलोड किया जाए। चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई यह सूची फिलहाल ड्राफ्ट रूप में है। मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर Download Electoral Roll विकल्प चुन सकते हैं। यहां राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र, भाषा, कैप्चा कोड और भाग संख्या भरने के बाद संबंधित पीडीएफ फाइल डाउनलोड की जा सकती है। यही वह हिस्सा है, जहां से मतदाता अपने नाम की स्थिति की जांच कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर समय रहते आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।





















