LoC Infiltration: जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी नापाक मंशा का सबूत दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने मुस्तैदी से नाकाम कर दिया। हालांकि, इस मुठभेड़ में भारतीय सेना का एक जवान वीरगति को प्राप्त हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 12 अगस्त की देर रात पाकिस्तानी घुसपैठियों ने LoC के पास भारत में घुसने का प्रयास किया। यह कोई सामान्य घुसपैठ नहीं थी, बल्कि इसमें पाकिस्तानी सेना ने भी गोलाबारी कर सीधा समर्थन दिया। इस तरह की कार्रवाई में अक्सर पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) शामिल होती है, जो दुश्मन सेना का वह विशेष दल है जो सीमापार आतंक और हिंसा फैलाने में माहिर है।
भारतीय जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और घुसपैठ को रोकने में सफलता पाई। गोलीबारी के बीच घुसपैठिए खराब मौसम का फायदा उठाकर भाग निकले। लेकिन इस बहादुर कार्रवाई के दौरान भारतीय सेना के एक जवान ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 16 सिख एलआई (09 बिहार एडवांस पार्टी) के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र और उरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई। घटना के बाद बुधवार सुबह तक दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी जारी रही। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब बारामूला जिले में ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान सिपाही बनोथ अनिल कुमार एक दिन पहले ही शहीद हो चुके हैं।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत लक्षित हवाई हमले किए थे। इन हमलों और पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान के ड्रोन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम की सहमति बनी थी। लेकिन ताजा घटना से साफ है कि पाकिस्तान ने इस समझौते की अनदेखी करते हुए फिर से तनाव भड़काने की कोशिश की है।





















