बिहार में भूमि सुधार एवं राजस्व व्यवस्था को लेकर चल रही सख्ती के बीच उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा (Vijay Sinha Big Statement) ने साफ कर दिया है कि सरकार किसी दबाव या नाराजगी से पीछे हटने वाली नहीं है। अधिकारियों की असहमति, भू-माफिया का विरोध या विवादित माहौल, सरकार का फोकस सिर्फ और सिर्फ जनता के हित में सुधारों को आगे बढ़ाने पर है।
विजय सिन्हा ने कहा कि भूमि सुधार विभाग में लगातार काम हो रहा है और सरकार की नीति पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं बल्कि व्यवस्था को दुरुस्त करना है। सरकार की नियत साफ है और भूमि सुधार को आगे बढ़ाना जनहित की प्राथमिकता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकारी जमीन पर कब्जा कर रसीद और म्यूटेशन करा चुके भू-माफियाओं पर भी कार्रवाई होगी, तो डिप्टी सीएम ने उदाहरण देते हुए बताया कि मुजफ्फरपुर में कृषि विभाग की जमीन पर हुए कब्जे के मामले में तत्कालीन कृषि मंत्री रहते हुए उन्होंने संबंधित अंचलाधिकारी पर कार्रवाई और अपील दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व जो विवाद रहित जमीन को भी विवादित बनाते हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अब हर ऐसे मामले को संज्ञान में लेकर निर्णायक कदम उठाएगी।
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भूमि सुधार को लेकर हो रही लगातार समीक्षा बैठकों पर सवाल उठाते हुए जब अधिकारियों के स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर जाने की बात सामने आई, तो विजय सिन्हा ने तीखा लेकिन व्यंग्यात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब विभाग स्वस्थ होगा, तो सभी स्वस्थ हो जाएंगे। उनका संकेत साफ था कि काम से बचने की मानसिकता अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े सवाल पर, जब गृह मंत्री अमित शाह के असम में दिए गए नक्सलवाद संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो विजय सिन्हा ने कहा कि यह एक सच्चाई है कि देश में नक्सलवाद लगभग समाप्ति की कगार पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में जिस तरह आतंकवाद और उग्रवाद पर कड़ा प्रहार हुआ है, उसी तरह नक्सलवाद भी पूरी तरह खत्म किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि हर राज्य में मजबूत शासन मिलने पर यह समस्या पूरी तरह इतिहास बन जाएगी।






















