बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा इस्तीफा नहीं देंगे। कह रहे हैं कि उन्होंने अविस्वास प्रस्ताव का नोटिस इसलिए अस्वीकार किया क्योंकि यह नियमानुसार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि वे लोकतंत्र में अटूट आस्था रखते हैं। नियमों और परपराओं का संरक्षण उनका काम है। सदन में बिना किसी भय और पक्षपात के वो अपनी बात रखेंगे। मतलब ये कि संख्याबल पक्ष में न होने के बाद भी विजय कुमार सिन्हा विधानसभा स्पीकर के पद को अग्निपथ मान बैठे हैं। लेकिन सत्ता पक्ष ने उन्हें ‘अग्निवीर’ बनाने की तैयारी कर ली है।
संबोधन की छूट, उसके बाद हटाने का प्रस्ताव

विधानसभा सचिवालय ने 24 अगस्त की कार्यवाही के लिए जो सूची तैयार की है, इसमें सबसे पहले अध्यक्ष का संबोधन है। यानि विजय कुमार सिन्हा को पूरा मौका मिलेगा अपनी बात रखने का। इसके बाद बिहार विधानसभा के समितियों के प्रतिवेदनों को सभा के समक्ष रखा जाएगा। सीएम प्रस्ताव करेंगे कि यह सभा वर्तमान राज्य कैबिनेट में विश्वास व्यक्त करती है। सबसे आखिर में विधानसभा अध्यक्ष को हटाने का संकल्प पेश होगा।
विरोध में सत्तापक्ष
स्पीकर के इस आत्मविश्वास का सत्तापक्ष विरोध कर रहा है। क्योंकि 241(अभी) सदस्यों वाली विधानसभा में 165 सदस्य उनके विपक्ष में खड़े हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव नियमों के अनुसार ही लाया गया है। अविश्वास प्रस्ताव के आने के 14 दिन के अंदर चर्चा और वोटिंग करना ही होगा। उन्होंने कह कि कल सदन में विजय कुमार सिन्हा आसान पर नहीं बैठ सकते हैं।
भाजपा करेगी नीतीश सरकार का घेराव
वहीं दूसरी ओर बीजेपी विधान मंडल दल की बैठक में निर्णय लिया गया है कि विधानमंडल में भाजपा नीतीश सरकार को घेरेगी। पूर्व मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पलटू कुमार हैं। उन्होंने जो अविश्वास प्रस्ताव लाया है उसका हम पुरजोर विरोध करेंगे। चोर दरवाजे से जो सरकार बनी है उसको उजागर करेंगे। पहले हम विधानसभा स्पीकर के अविस्वास प्रस्ताव का विरोध करेंगे। हमारे जो नेता अगुवाई कर रहें थे वही करेंगे।




















