उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के जनता दरबार (Vijay Kumar Sinha Janta Darbar) में कांग्रेस की पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी दास अपनी निजी पीड़ा और पारिवारिक विवाद लेकर पहुंचीं। जनता दरबार के दौरान प्रतिमा दास ने डिप्टी सीएम के सामने साफ शब्दों में कहा कि उनके एक रिश्तेदार ने उनके घर पर जबरन कब्जा कर लिया है और वर्षों से वे न्याय के लिए भटक रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन उनके साथ न्याय करेगा। उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए विजय कुमार सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और नियम के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, भाजपा के सहयोग कार्यक्रम के तहत भाजपा कोटे के मंत्री नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन करते हैं। इन दरबारों का उद्देश्य आम लोगों की समस्याएं सुनना और प्रशासनिक स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। इस बार यह मंच इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि यहां एक पूर्व विपक्षी विधायक ने अपनी निजी शिकायत रखी। यह घटना राजनीति से ऊपर उठकर प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का उदाहरण बन गई।
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पूर्व विधायक प्रतिमा दास अपने पारिवारिक जमीन और मकान विवाद को लेकर जनता दरबार में पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि यह मामला पटना सिटी के अगमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत भूतनाथ रोड स्थित बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में स्थित उनके मकान से जुड़ा है, जो टीवी टावर के पास है। प्रतिमा दास का कहना है कि यह विवाद साल 2021 से चला आ रहा है और अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ससुर, सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त (उत्पाद) चंद्रिका दास के 6 नवंबर 2021 को निधन के बाद स्थिति बिगड़ी। श्राद्ध कर्म के लिए परिवार के सभी सदस्य गांव गए थे और उसी दौरान घर की देखरेख के लिए एक महिला को रखा गया था। परिवार के गांव से लौटने पर हालात बदल चुके थे। आरोप है कि उस महिला ने पीछे से मकान पर कब्जा जमा लिया और घर का दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया।
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पूर्व विधायक का कहना है कि जब उन्होंने अपने ही घर में प्रवेश की कोशिश की, तो महिला ने उल्टा पुलिस को गलत सूचना दे दी। सूचना मिलने पर अगमकुआं थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा चला। उस वक्त पुलिस ने इसे स्वामित्व और दावेदारी से जुड़ा मामला बताते हुए कहा था कि इसका अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।
तत्कालीन अगमकुआं थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने भी स्पष्ट किया था कि पुलिस को जो शिकायत पत्र मिला है, उसकी जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि, प्रतिमा दास का कहना है कि इतने वर्षों बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला, इसी कारण वे अब जनता दरबार तक पहुंचीं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों से तथ्यों की जांच कराने और कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।






















