नई दिल्ली : पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस विधेयक को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक और कदम करार देते हुए कहा कि बीजेपी पिछले 10-11 सालों से मुसलमानों के खिलाफ काम कर रही है। मुफ्ती ने इस विधेयक को मुस्लिम संपत्तियों को हड़पने की साजिश बताया और इसे भारत की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा, गंगा-जमुनी तहजीब, के खिलाफ एक हमला करार दिया।
वक्फ संशोधन विधेयक पर आपत्ति
महबूबा मुफ्ती ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, “पिछले 10-11 सालों से बीजेपी मुसलमानों के खिलाफ काम कर रही है। पहले लिंचिंग हुई, मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया गया, दुकानें बंद कराई गईं और अब वक्फ विधेयक लाकर हमारी संपत्तियों को हड़पने की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने सवाल उठाया कि इस स्थिति में मुसलमान क्या करेंगे, जो पिछले एक दशक से इस तरह की नीतियों को सहते आ रहे हैं।वक्फ संशोधन विधेयक 2024 में कई बदलाव प्रस्तावित हैं, जिनमें राज्य सरकारों को वक्फ बोर्ड में सदस्यों को नामित करने का अधिकार देना और वक्फ संपत्ति बनाने के लिए यह शर्त शामिल करना है कि व्यक्ति कम से कम पांच साल से इस्लाम का पालन कर रहा हो। यह 2013 के उस संशोधन को उलटता है, जिसमें गैर-मुस्लिमों को भी वक्फ बोर्ड में शामिल करने का प्रावधान था।
गंगा-जमुनी तहजीब पर खतरा
मुफ्ती ने भारत की सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है, जो हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियों का एक अनूठा संगम है। उन्होंने कहा, “आज इस तहजीब को कचरे में फेंका जा रहा है। हमारा देश, जो कभी एक आदर्श राष्ट्र था, अब म्यांमार की राह पर चल रहा है, जहां अल्पसंख्यकों और मुसलमानों को बाहर निकाला जा रहा है।” मुफ्ती ने चेतावनी दी कि बीजेपी को यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ता हमेशा उनके पास नहीं रहेगी।
पाकिस्तान के जिया-उल-हक से तुलना
महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी की नीतियों की तुलना पाकिस्तान के पूर्व शासक जिया-उल-हक से की, जिन्होंने 1977 से 1988 तक अपने शासनकाल में इस्लामीकरण की नीति को बढ़ावा दिया था। मुफ्ती ने कहा, “जिया-उल-हक ने अपने देश को निराशा में धकेल दिया था, और बीजेपी भी वही कर रही है। जब तक ये सत्ता से जाएंगे, तब तक देश बर्बाद हो चुका होगा।”
हिंदू भाइयों से अपील
मुफ्ती ने हिंदू समुदाय से अपील करते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि भारत की पहचान उसकी सांप्रदायिक एकता में है। उन्होंने कांग्रेस की तारीफ करते हुए कहा कि उसने देश को एकजुट रखा, लेकिन बीजेपी की नीतियां देश को तोड़ने का काम कर रही हैं।
महबूबा मुफ्ती की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब संसद में इस विधेयक को पारित करने की तैयारी चल रही है। बीजेपी का कहना है कि यह विधेयक ट्रिपल तलाक कानून की तरह ही मुस्लिम समुदाय के हाशिए पर पड़े लोगों के लिए एक सुधार है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और गर्माहट देखने को मिल सकती है।