Warisaliganj PHC Inspection: बिहार के नवादा जिले के वारसलीगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब स्थानीय विधायक अनीता ने बिना पूर्व सूचना अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। आमतौर पर शांत रहने वाले इस पीएचसी में विधायक की अचानक मौजूदगी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को सामने ला दिया। निरीक्षण के दौरान जो दृश्य उभरे, उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी सच्चाई पर कई सवाल खड़े कर दिए।
विधायक अनीता ने निरीक्षण के दौरान साफ तौर पर कहा कि यह उनका पहला औचक दौरा है और उम्मीद है कि हालात सुधरने के बाद दोबारा ऐसे कदम उठाने की जरूरत न पड़े। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अगली बार किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई तय मानी जाएगी। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों का मकसद केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि आम लोगों को सम्मानजनक और बेहतर इलाज देना है।
निरीक्षण के दौरान पीएचसी प्रभारी की कार्यशैली पर विधायक ने गहरी नाराजगी जाहिर की। जब अस्पताल में रखे गए फ्रिज के तापमान को लेकर सवाल पूछा गया, तो प्रभारी संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे। यह वही फ्रिज है, जिसमें जरूरी दवाइयों और वैक्सीन के सुरक्षित रखरखाव की जिम्मेदारी होती है। विधायक ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में ऐसी चूक सीधे मरीजों की जान से जुड़ी होती है।
विधायक अनीता ने कहा कि उनका यह दौरा किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि जनता के हित में किया गया है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए भेजे जा रहे संसाधन यदि सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं, तो यह जनता के साथ अन्याय है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और कर्मियों के व्यवहार से जुड़ी कई खामियां भी सामने आईं, जिस पर मौके पर ही सख्त चेतावनी दी गई।
उन्होंने अस्पताल कर्मियों के संवाद और शब्द चयन पर भी आपत्ति जताई और कहा कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना स्वास्थ्य सेवा का सबसे अहम हिस्सा है। विधायक के अनुसार, पीएचसी में मौजूद कमियां केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय स्तर पर भी चिंता पैदा करती हैं। इन खामियों को जल्द दूर करना बेहद जरूरी है, ताकि आम लोग सरकारी अस्पतालों पर दोबारा भरोसा कर सकें।





















