पश्चिम बंगाल (West Bengal BJP) की राजनीति में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब चुनावी मोड पूरी तरह ऑन हो चुका है। समिक भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपकर बीजेपी ने एक संतुलित और रणनीतिक नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जो संगठन और चुनावी राजनीति—दोनों में अनुभव रखता है।
नई कार्यकारिणी में कुल 35 नाम शामिल किए गए हैं, जो यह दिखाता है कि पार्टी इस बार केवल चेहरे बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की योजना पर काम कर रही है। समिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में 12 उपाध्यक्ष बनाए गए हैं, जिनमें संजय सिंह, राजू बनर्जी, देबश्री चौधुरी, अग्निमित्रा पॉल, दीपक बर्मन, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, मनोज तिग्गा, निसिथ प्रमाणिक, तापस रॉय, अमितावा रॉय, तनुजा चक्रवर्ती और प्रबल रहा जैसे चर्चित और क्षेत्रीय प्रभाव रखने वाले नेता शामिल हैं। इनके जरिए पार्टी ने जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है।


प्रदेश कार्यकारिणी के ढांचे में पांच जनरल सेक्रेटरी, बारह सेक्रेटरी, एक कोषाध्यक्ष, दो संयुक्त कोषाध्यक्ष, एक ऑफिस सेक्रेटरी और एक संयुक्त ऑफिस सेक्रेटरी की नियुक्ति की गई है। यह संरचना बताती है कि बीजेपी इस बार संगठनात्मक मजबूती को ही चुनावी जीत की बुनियाद बनाना चाहती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हर पदाधिकारी को स्पष्ट लक्ष्य और जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि चुनाव से पहले बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत की जा सके।






















