बिहार के स्वास्थ्य व विधि मंत्री और भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी मंगल पांडेय के बयान ने आगामी विधानसभा चुनाव (West Bengal Election) को लेकर सियासी माहौल और तेज कर दिया है। पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि अगले चुनाव में पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई तय है और तृणमूल कांग्रेस के लंबे कुशासन का अंत होकर रहेगा।
मंगल पांडेय का कहना है कि बीते वर्षों में तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जिससे राज्य का समग्र विकास बाधित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और इसका सीधा असर रोजगार, उद्योग, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर पड़ा है। उनके मुताबिक, अब जनता इस व्यवस्था से पूरी तरह ऊब चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है।
जीतन राम मांझी के बयान पर राहुल कुमार का चुनाव आयोग से सीधा सवाल.. जांच की मांग
एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी के रुख पर भी पांडेय ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले इस प्रक्रिया को गलत बताते हुए इसे पश्चिम बंगाल में लागू न होने देने का दावा किया, लेकिन अंतिम समय में खुद फॉर्म भर दिया। पांडेय ने सवाल उठाया कि अगर प्रक्रिया गलत थी, तो उसमें शामिल क्यों हुआ गया। उनके अनुसार, यह तृणमूल कांग्रेस की दोहरी नीति और जनता को भ्रमित करने की राजनीति को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध वोटरों के सहारे सत्ता में बने रहने का एजेंडा अब पूरी तरह विफल हो चुका है।
मंगल पांडेय ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस की विश्वसनीयता पहले ही जनता के बीच कमजोर हो चुकी है और ऐसे बयानों व विरोधाभासी कदमों से यह और भी स्पष्ट हो गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के शिक्षित वर्ग और पारंपरिक ‘भद्रजन’ भी अब बदलाव की ओर देख रहे हैं और मौजूदा शासन से संतुष्ट नहीं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का उल्लेख करते हुए पांडेय ने कहा कि गंगा बिहार से होकर बंगाल में बहती है और बिहार की जीत का असर बंगाल की राजनीति पर भी पड़ता है। उनके अनुसार, बिहार में भाजपा की मजबूती और विकास मॉडल से पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक बदलाव की लहर तेज होगी। मंगल पांडेय ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बंगाल की जनता निर्णायक फैसला लेकर ममता बनर्जी के कुशासन का अंत करेगी और राज्य को नई दिशा देगी।






















