पश्चिम बंगाल की सियासत के सबसे रणनीतिक और प्रभावशाली चेहरों में शुमार रहे तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय (Mukul Roy Death) का निधन हो गया। 71 वर्षीय रॉय लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और कोलकाता के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी था। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने बताया कि देर रात करीब 1:30 बजे उन्हें अस्पताल में ही दिल का दौरा पड़ा और तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनके निधन की खबर सामने आते ही बंगाल की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।
मुकुल रॉय उन नेताओं में थे जिन्होंने All India Trinamool Congress को जमीनी स्तर से खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। वे पार्टी की स्थापना के समय से ही संगठन का केंद्रीय चेहरा रहे और लंबे समय तक Mamata Banerjee के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। टीएमसी के सत्ता में आने के बाद जब केंद्र की राजनीति में पार्टी की भागीदारी बढ़ी तो रॉय को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। वे राज्यसभा के सदस्य रहे और 2009 से 2012 तक सदन में पार्टी के नेता के तौर पर रणनीतिक भूमिका निभाते रहे।
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वे बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की पकड़ बनाने और विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की रणनीति के लिए जाने जाते थे। एक दौर में उन्हें बंगाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ कहा जाने लगा था। लेकिन 2010 के दशक में परिस्थितियां बदलीं। शारदा चिटफंड जैसे विवादों के बाद पार्टी नेतृत्व से उनके संबंधों में दरार आई। फरवरी 2015 में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया गया और अंततः सितंबर 2017 में उन्होंने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद उन्होंने Bharatiya Janata Party का दामन थामा। भाजपा में शामिल होने के बाद मुकुल रॉय ने बंगाल में पार्टी के विस्तार की रणनीति तैयार करने में अहम योगदान दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य में 18 सीटें जीतकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया, जिसे राजनीतिक जानकार रॉय की जमीनी रणनीति से जोड़कर देखते हैं। उनके अनुभव और नेटवर्क ने भाजपा को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने में मदद की।
हालांकि 2021 के विधानसभा चुनाव में कृष्णानगर उत्तर सीट से विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने भाजपा से दूरी बना ली और दोबारा टीएमसी में वापसी कर ली। लेकिन वापसी के बाद वे पहले जैसी सक्रिय भूमिका में नजर नहीं आए। स्वास्थ्य कारणों और बदलते राजनीतिक समीकरणों ने उनकी भूमिका सीमित कर दी थी।
















