कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के एक बयान ने लोकसभा का पूरा सिस्टम उलटा कर दिया। इस बार मानसून सत्र में अब तक सदन की कार्रवाई विपक्ष के कारण स्थगित होती रही। गुरुवार को पहली बार सत्तापक्ष के हंगामे के कारण सत्र स्थगित करना पड़ा। इस हफ्ते दोनों सदनों को मिलाकर कुल 24 सांसद निलंबित हो चुके हैं। लेकिन हंगामा है कि रुकता नहीं। गुरुवार को तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी पूरे गुस्से में दिखीं।
सोनिया ने स्मृति को चेताया
दरअसल, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सुबह सत्र की शुरुआत से ही आक्रोशित दिखीं। उन्होंने अधीर रंजन चौधरी के बयान को अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कांग्रेस के नेताओं के लिए घृणा का केंद्र बन गई हें। उन्हें कठपुतली, अमंगल का प्रतीक, राष्ट्रपत्नी कहा। कांग्रेस के बयानों पर वार करते करते स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी से माफी की मांग कर दी। सोनिया गांधी इसी बात पर भड़कीं और स्मृति ईरानी को चेतावनी दी।
भड़क गईं सोनिया गांधी
दरअसल, सोनिया गांधी का नाम लोकसभा में आते ही कांग्रेस ने हमलावर बनने का प्रयास किया। बयान से सोनिया गांधी का सीधे कोई नाता नहीं था। सोनिया ने भी उठकर कहा कि अधीर रंजन ने माफी मांग ली है। लेकिन भाजपा को सोनिया के इतने कहने से चैन नहीं मिला। अब तक लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी से माफी मांगने की डिमांड करती स्मृति ईरानी ने सीधे सोनिया गांधी को संबोधित किया। स्मृति ईरानी ने कहा कि मैडम मैं आपकी मदद कर सकती हूं। स्मृति का सीधा संबोधन सोनिया को इतना चुभा कि उन्होंने पलटकर कहा- Don’t talk to me.
BJP महिला सांसदों को सोनिया ने धमकाया?
लोकसभा में भाजपा सांसदों के रुख को देखते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि अधीर रंजन ने माफी मांग ली है। उन्होंने सवाल किया कि इस मामले में मेरा नाम क्यों लिया गया? इसके बाद सोनिया गांधी और स्मृति के बीच बहस हो गई। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि सोनिया ने भाजपा की महिला सांसदों को धमकाया है। इससे पहले स्मृति ने सदन में कहा कि कांग्रेस गरीब और आदिवासियों की विरोधी है। अपनी गलती पर माफी मांगने की जगह कांग्रेस सीनाजोरी कर रही है। सोनिया गांधी को कांग्रेस की तरफ से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने हर भारतीय नागरिक का अपमान किया है।




















