बिहार की राजनीति में विपक्ष के नेताओं की जुबान पर इन दिनों ‘खेला होगा’ जैसे शब्द ही देखने को मिल रहे हैं। 12 फरवरी को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर यहाँ की सियासत गरमाई हुई है।
NDA के पास अभी देखा जाए तो कुल 128 विधायक हैं, जो बहुमत सिद्धि के लिए आवश्यक संख्या से 6 ज्यादा हैं। अब ये तो सोमवार को होने वाले बहुमत परीक्षण के समय ही पता चल पायेगा कि NDA खेमे में उस दिन इसके कितने विधायक साथ आते हैं। एक तरफ जहाँ RJD लगातार ये दावा कर रही है कि JDU के कई विधायक फिलहाल उसकी रडार में हैं और फ्लोर टेस्ट के दिन नीतीश को कुछ इस प्रकार का झटका लगने जा रहा है, जहाँ कई विधायक JDU का दामन छोड़ वर्तमान की विपक्षी गठबंधन की शरण ले लेंगे। इसी बात को लेकर RJD ने ‘खेला होगा’ की रट लगा राखी है। BJP की हवा को देखते हुए फिलहाल इस बात से पूरी तरह से आश्वस्त हो पाना मुश्किल ही जान पड़ता है। NDA के प्रमुख घटक दल BJP की मजबूत स्थिति को छोड़ क्या विधायक विपक्षी खेमे को चुनने में रूचि रखते हैं, ये तो उस दिन विधान सभा में ही पता चल पायेगा।
RJD की इस विधायक खरीद वाली मुहीम में कांग्रेस भी पीछे नहीं। उसने भी सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों को ऑफर दे डाला है। राजद ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के सहारे गेम पलटने की तैयारी कर रखी है। उधर कांग्रेस ने भाजपा के हाथों अपने विधायकों के बिकने का डर दिखाते हुए उन्हें हैदराबाद में रख छोड़ा है। अपने विधायको की संख्या सुनिश्चित करने के लिए BJP और JDU भी बैठक पर बैठक कर रही है। देखा जाये तो बिहार से हैदराबाद तक विधायकों की बिकवाली की चर्चा है।




















