‘पलायन रोको, नौकरी दो पदयात्रा’ को लेकर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार सहरसा पहुंचे। यात्रा के दौरान काफी संख्या में NSUI और कांग्रेस के नेता और कार्यकता मौजूद रहे। पदयात्रा बनगांव से शुरू होकर सहरसा मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान काफी संख्यां में युवा अपने हाथों में जंजीर पहने हुए और थाली पीटकर सरकार का विरोध जताते नजर आए। यात्रा के दौरान जुलूस में शामिल युवाओं ने सरकार का विरोध जताते हुए कहा कि 2019 से लेकर 2021 के बीच में जो सेना में भर्ती हुई थी जिसमे 64 लाख अभ्यर्थी सेना का हिस्सा हुए थे जिसमे डेढ़ लाख अभ्यर्थियों का चयन हुआ था लेकिन सरकार हम युवाओं को दो साल तक बरगलाती रही और दो साल बाद अग्निवीर योजना लाकर पुरानी भर्ती प्रकिया निरस्त कर दी। इसमें हम युवाओ की क्या गलती है। हमलोग दो साल से दर दर की ठोकरें खा रहे हैं।

खास बात यह थी कि कन्हैया की पद यात्रा में एक भी महिला कार्यकर्ता नजर नही आई। महिलाओं के शामिल न होने के सवाल पर कन्हैया कुमार ने कहा कि ऐसी बात नही है महिलाएं कुछ देर के लिए आती हैं और चली जाती हैं। यह बात मैं भारी मन से स्वीकार करता हूँ कि राजनीति का स्पेस बहुत मर्द वादी है। धक्का-मुक्की, फोटो खिंचाना, चेहरा चमकाना, उसमें महिलाएं अपने आप को थोड़ा पीछे कर लेती हैं। लेकिन हमारी कोशिश जरूर है कि महिलाएं आएं और अपनी बात रखें।

मंगलवार की देर रात बनगांव के भगवती स्थान पर स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कन्हैया कुमार का पारंपरिक पाग, चादर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया था। इधर, सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया। जनसभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार के 19 साल के शासन पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय में भी बेरोजगारी की समस्या जैसी की तैसी है। उन्होंने सरकार से पूछा कि युवाओं को कितनी नौकरियां मिलीं।

गांव में बच गई है बेबसी, लाचारी और मजबूरी
कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार की जो छवि गैंग्स ऑफ वासेपुर में दिखता है न वह बिहार की असली छवि नहीं है। बिहार की असली छवि कुछ और ही है। हमारा इतिहास, संस्कृति और सभ्यता काफी समृद्ध है लेकिन हमारी इतिहास को वर्तमान समस्या ढंक रहा है। बनगांव में चोरों से बचने के लिए सीसीटीवी कैमरा लग रहा है क्योंकि लोग आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर, डॉक्टर ओर अन्य पद पर आसीन तो हो गए हैं लेकिन गांव से पलायन कर गए हैं। वह किसी पर्व त्योहार पर ही गांव आते है। अब गांव में बेबसी, लाचारी और मजबूरी रह गई है। अच्छे शिक्षा के खोज में खुद की मिट्टी छोड़ना पड़ रहा है।
लाखों युवा दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं
कन्हैया ने बताया कि रोजगार की कमी से बिहार के लाखों युवा दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ वादे करती है। शिक्षा और रोजगार में सुधार के बिना राज्य का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार से नीतियों पर पुनर्विचार करने और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनाने की मांग की। कन्हैया ने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक बनें। ऐसी सरकार चुनें जो युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे।