Bihar Economic Survey : बिहार सरकार ने बजट सत्र 2024-25 के पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया, जिसमें राज्य के उद्यम क्षेत्र की चौंकाने वाली ग्रोथ दिखाई गई। निर्माण, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, ईथेनॉल उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के नए आयाम जुड़ रहे हैं।
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आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के द्वितीयक क्षेत्र में निर्माण सबसे बड़ा उद्योग बनकर उभरा है, जिसमें 2021-22 और 2022-23 के बीच 22% की वृद्धि हुई। यह क्षेत्र बिहार के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 50.2% योगदान दे रहा है। इसके बाद विनिर्माण क्षेत्र का योगदान 37% दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बिहार की नौ चीनी मिलों ने 2023-24 में 677.20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की, जिससे 68.77 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। इसके अलावा, चीनी मिलों की आसवन (डिस्टिलेशन) क्षमता 530 हजार लीटर प्रतिदिन और विद्युत उत्पादन क्षमता 88.5 मेगावाट तक पहुंच गई।
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वहीं राज्य के 13 दुग्ध संघों और डेयरी परियोजनाओं में दूध संग्रहण 2023-24 में 38.7% बढ़कर 2,305.1 हजार किग्रा प्रतिदिन हो गया। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) को सितंबर 2024 तक कुल 75,293.76 करोड़ रुपये निवेश के लिए 3,752 प्रस्ताव मिले। इसमें
- ईथेनॉल उत्पादन में 30,747.55 करोड़ रुपये
- खाद्य प्रसंस्करण में 3,517.09 करोड़ रुपये
- नवीकरणीय ऊर्जा में 10,613.20 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
बिहार सरकार ने 2023-24 में 40,099 लघु उद्यमियों को वित्तीय सहायता दी और 200.47 लाख रुपये का खर्च किया। 2023-24 में 1,706 में से 297 स्टार्टअप्स को प्रमाणन मिला, जिनमें 15.08 करोड़ रुपये का शुरुआती फंड दिया गया। वहीं 2023 में बिहार में 821.33 लाख पर्यटक आए, जिससे राज्य में पर्यटन क्षेत्र कोविड-19 के पहले के स्तर तक पहुंच गया।