Patna Masaurhi Encounter: बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी इलाके में पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ ने एक बार फिर राज्य में संगठित अपराध के नेटवर्क पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इस एनकाउंटर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अपराधी परमानंद यादव को पुलिस ने गोली मारकर घायल कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब पुलिस को इनपुट मिला कि गैंग का सक्रिय सदस्य इलाके में किसी बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने की फिराक में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परमानंद यादव बिहार में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अहम हैंडलर माना जाता है। उस पर हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और आपराधिक साजिश समेत तीन दर्जन से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी और मसौढ़ी क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद विशेष टीम को अलर्ट किया गया था।
जैसे ही पुलिस टीम ने संदिग्ध को घेरने की कोशिश की, बदमाश की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें परमानंद यादव के पैर में गोली लग गई। मुठभेड़ के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। घायल अपराधी को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परमानंद यादव सिर्फ एक शूटर नहीं बल्कि गैंग के लिए स्थानीय स्तर पर नेटवर्क संभालने वाला व्यक्ति था। वह रंगदारी वसूली, हथियारों की सप्लाई और नए लड़कों की भर्ती जैसे कामों में सक्रिय भूमिका निभाता था। बिहार में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
इस एनकाउंटर के बाद पटना और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि परमानंद यादव के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या वह किसी बड़े वारदात की योजना बना रहा था। सूत्रों के अनुसार, उससे पूछताछ के बाद गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में पुलिस को अहम सुराग मिल सकते हैं।
















