Amit Shah Interview: संसद में पेश किए गए तीन नए विधेयकों को लेकर देशभर में बहस जारी है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए अपने इंटरव्यू में विपक्ष पर सीधा निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ विपक्ष का रुख इस बात का प्रमाण है कि वे राजनीति को भी जेल से संचालित करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, अगर विपक्ष की सोच चल पड़ी तो एक दिन ऐसा आएगा जब जेल ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास बन जाएगा, और वहीं से कैबिनेट सचिव से लेकर गृह सचिव तक आदेश दिए जाएंगे।
बिहार चुनाव 2025: अखिलेश यादव की एंट्री से PDA बनेगा ‘गेमचेंजर’? क्या बदलेगा MY समीकरण
अमित शाह का यह बयान सीधे तौर पर उन नेताओं पर वार माना जा रहा है जो भ्रष्टाचार या अन्य मामलों में जेल की सजा काट चुके हैं और फिर भी राजनीति में सक्रिय हैं। शाह ने कहा कि विपक्ष लगातार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जबकि असल सवाल यह है कि राजनीति की नैतिकता को कैसे परिभाषित किया जाए।
गृह मंत्री ने अपने इंटरव्यू में राहुल गांधी को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में लालू यादव को बचाने के लिए एक अध्यादेश लाया गया था, जिसे राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया था। शाह ने तीखा सवाल किया कि “अगर उस वक्त राहुल गांधी को अध्यादेश फाड़ना नैतिक लगा था, तो आज विपक्ष के इस रुख पर चुप क्यों हैं? क्या चुनाव में हार-जीत ही अब नैतिकता का पैमाना है? नैतिकता सूर्य और चंद्रमा की तरह स्थायी होती है, न कि चुनाव परिणामों पर आधारित।”






















