Bihar Aabhar Yatra: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित ‘आभार यात्रा’ से पहले राज्य सरकार प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। इसी कड़ी में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग यानी पीएचईडी को लेकर सरकार ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जमीनी हकीकत में किसी भी तरह की कमी अब स्वीकार्य नहीं होगी। बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार सिंह ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित पीएचईडी की हर एक योजना की गहन समीक्षा तत्काल की जाए।
मंत्री संजय कुमार सिंह बिहार ग्रामीण जिला जल आपूर्ति संचालन एवं रखरखाव नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री की आभार यात्रा के समय विभाग से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचना सरकार की छवि के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे कागजी रिपोर्ट तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति को परखें।
यह कार्यशाला लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान और यूनिसेफ के बिहार फील्ड कार्यालय के सहयोग से आयोजित की गई थी। कार्यशाला में ग्रामीण जल आपूर्ति की निरंतरता, रखरखाव व्यवस्था और संचालन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने पानी जैसी बुनियादी जरूरत को प्राथमिकता में रखा है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही सीधे तौर पर जनता के भरोसे को कमजोर करती है।
संजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को याद दिलाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ‘हर घर नल’ और ‘हर घर शुद्ध जल’ सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस सपने को साकार करने के लिए विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं। मंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे शिकायतों के इंतजार में न रहें, बल्कि संभावित समस्याओं की पहचान कर उन्हें पहले ही दूर करें।






















