बिहार विधानसभा का बजट सत्र (Bihar Budget Session) 2 फरवरी से शुरू होते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सदन के भीतर जहां आर्थिक एजेंडे और विकास से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होनी है, वहीं सदन के बाहर राजनीतिक बयानबाज़ी ने माहौल गर्म कर दिया है। जनता दल यूनाइटेड के विधान पार्षद नीरज कुमार के हालिया दावों ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार और ज्यादा गरमा दिया है।
जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने दावा किया है कि राष्ट्रीय जनता दल के भीतर असंतोष चरम पर है और बजट सत्र के दौरान ही बड़े राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। उनके मुताबिक यह सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं बल्कि बदलते समीकरणों का संकेत है। नीरज कुमार का कहना है कि राजद के कई नेता लगातार जदयू के संपर्क में हैं और यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि सत्र के बीच ही राजद में बड़ी टूट देखने को मिल सकती है, जो बिहार की राजनीति की दिशा बदल देगी।
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नीरज कुमार ने अपने बयान में राजद नेता रियाजुल हक का जिक्र करते हुए कहा कि वह जदयू का दामन थामने जा रहे हैं। उन्होंने इसे केवल ‘झांकी’ बताया और संकेत दिया कि असली तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है। उनके अनुसार राजद के भीतर नेतृत्व और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति है, जिससे कई विधायक और नेता असंतुष्ट हैं और पार्टी छोड़ने के मूड में हैं।
जदयू एमएलसी ने राजद पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी राजनीतिक रूप से कमजोर होती जा रही है। इसके उलट उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार का ‘तारणहार’ बताते हुए कहा कि राज्य की स्थिरता और विकास का भरोसा आज भी उन्हीं पर टिका है। नीरज कुमार का दावा है कि बजट सत्र के दौरान कोई ऐसी राजनीतिक घटना घट सकती है, जो मौजूदा सत्ता संतुलन को प्रभावित कर देगी और विपक्ष की रणनीति को झटका दे सकती है। हालांकि, इन दावों पर अब तक राजद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






















