बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक (Bihar Cabinet News) राज्य की आर्थिक और प्रशासनिक दिशा तय करने वाली एक अहम कवायद बन गई। बैठक में कुल 19 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा प्रभाव सरकारी कर्मचारियों, युवाओं, विद्यार्थियों और राज्य के विकास मॉडल पर पड़ने वाला है। सबसे बड़ी घोषणा राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही, जिसे 1 जुलाई 2025 से प्रभावी किया जाएगा। इस निर्णय से लाखों सरकारी कर्मचारियों और रिटायरीज़ को आर्थिक राहत मिलेगी और बढ़ती महंगाई के दबाव में उन्हें तत्काल सहारा मिलेगा। वित्त विभाग के मुताबिक, संशोधित DA का भुगतान जल्द जारी करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है ताकि इसका लाभ समय पर सभी लाभार्थियों तक पहुंचे।



कैबिनेट बैठक को इस बार एक व्यापक प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। एनडीए सरकार बिहार में विकास कार्यों को गति देने के लिए मल्टी-डिपार्टमेंटल को-ऑर्डिनेशन, सख़्त मॉनिटरिंग और निश्चित समय सीमा के भीतर प्रोजेक्ट डिलीवरी का मॉडल लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य है कि 2025-26 तक युवा वर्ग को नई आर्थिक संभावनाएँ मिलें, कौशल विकास योजनाओं को तेज रफ्तार मिले और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके। यही कारण है कि 19 एजेंडों में रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई।
सम्राट चौधरी के खिलाफ मंत्री श्रवण कुमार.. बोले- न योगी न बुलडोजर! बिहार में सिर्फ नीतीश मॉडल चलेगा
बैठक में युवा कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) द्वारा प्रस्तावित विद्यार्थी कौशल कार्यक्रम (Student Skill Development Programme) को भी मंजूरी प्रदान की गई। इससे पहले 25 नवंबर को हुई बैठक में सरकार ने छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई थी, जिनमें युवाओं के लिए विशेष लाभकारी निर्णय शामिल था। लगातार हो रही कैबिनेट बैठकें इस बात का संकेत हैं कि सरकार अगले कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर विकासात्मक और रोजगार-केंद्रित कदम उठाने के मूड में है।






















